माना जा रहा है कि प्रधान सचिव जेसी शर्मा को इसी की कीमत चुकानी पड़ी है। बागवानी विकास परियोजना के लिए जेसी शर्मा पिछली सरकार में भी लंबी लड़ाई लड़ चुके थे। अधिकारियों के एक विरोधी धडे़ के विरोध के बावजूद वे मोदी सरकार से इसे मंजूर करवाने में कामयाब हुए थे।
हालांकि, जेसी शर्मा के पास सरकार ने अभी भी महत्वपूर्ण महकमा दिया हुआ है। ये आबकारी एवं कराधान है। पीटरहॉफ शिमला में सीएम जयराम ठाकुर से सोमवार को जब सवाल किया गया कि क्या प्रधान सचिव को बागवानी विभाग से हटाने के बाद अब इस प्रोजेक्ट पर चला हुआ विवाद खत्म हो गया है
तो मुख्यमंत्री बोले - सचिव का महकमा बदलने की यह वजह नहीं है। न ही इस वजह से सचिव को इस महकमे में लगाया गया था और न ही इस वजह से उन्हें हटाया ही गया है।
प्रदेश में सड़कों के किनारे क्रैश बैरियर न लगे होने से हो रही दुर्घटनाओं पर सीएम जयराम ठाकुर बोले - इस बारे में सरकार गंभीर है। हादसों के लिए सरकार की जवाबदेही भी तय की जाएगी।