चूंकि इससे पहले सोलन के बद्दी में हुई लापरवाही के बाद प्रदेश सरकार ने अगले ही दिन पुलिस अधीक्षक समेत कई बड़े तबादले कर दिए थे। वहीं कुछेक नेता तो शीघ्र ही जिला पुलिस में बड़ा फेरबदल के बातें करने लगे हैं।
नियमों के तहत केवल प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, कैबिनेट मंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश को ही गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। लेकिन शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पांच पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
वहीं पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने सफाई देते हुए कहा कि यह गारद केवल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के लिए थी, गलती से पुलिस जवानों ने पूर्व सीएम को सलामी दे दी। गलती पर पुलिस जवानों से जवाब तलब किया जा रहा है।