मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सीमाआें की सुरक्षा को और मजबूत करना अब जरूरी हो गया है। हिमाचल ऐसा प्रदेश है जिसकी सीमा चीन के साथ लगी है और चीन अपनी सीमाओं पर गतिविधियां बढ़ा रहा है।
चीन की ओर से पैदा किए जाने वाले हर खतरे से निपटने में भारत सक्षम है। जिस तरह से चीन प्रदेश के साथ लगती सीमाओं पर पूरी प्लानिंग से कार्य कर रहा है, भारत भी सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने का काम कर रहा है।
प्रदेश सरकार ने अभी इस मसले पर केंद्र से अभी तक विस्तृत चर्चा नहीं की है। उन्होंने कहा कि रोहतांग टनल के बाद लेह तक के लिए तीन और टनल बनाना प्रस्तावित हैं। इनके बनने से लाहौल-स्पीति के लोगों को तो लाभ होगा ही, सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से भी ये टनल फायदेमंद होंगी।
जरूरत पड़ने पर हमारी सेनाएं आसानी से सीमा तक पहुंच सकेंगी। बार्डर, निरीक्षक जनरल एचएस गोराया (पीएमजी) ने कहा कि आईटीबीपी ने 200 से अधिक चोटियों पर भारत एवं बल का झंडा फहराया है।
इस समय भारत की सीमा, आंतरिक सुरक्षा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस बल की 60 से अधिक इकाइयां कार्य कर रही हैं। इस पर्वतारोहण अभियान का मकसद जवानों को ऊंचाई वाले क्षेत्र के बार्डर की सुरक्षा के लिए तैयार करना है।
23 सदस्यीय दल में से 16 पर्वतारोही जवान आठ-आठ की टुकड़ियों में चोटी फतह करेंगे। इस अभियान में अपने साथ ले जाई गई खाद्य सामग्री के खाली पैकेट आदि जवान अपने साथ लाकर स्वच्छ भारत का संदेश देंगे।