चुनाव में सभी विधायकों के हलकों से भारी लीड आई। अब मुख्यमंत्री असमंजस में हैं कि किसे मंत्री बनाया जाए। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर सांसद की शपथ लेने से पहले मंत्री और विधायक पद से रिजाइन करेंगे।
भाजपा का मानना है कि अगर कांगड़ा से मंत्री बनाया जाता है तो राकेश पठानिया दावेदारी में सबसे मजबूत हैं। वह तीन बार विधानसभा में चुनकर आए हैं। कांगड़ा जिले के रमेश धवाला जयराम सरकार में योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष हैं, वह भी मंत्री पद की दौड़ में हैं।
वह धूमल सरकार में मंत्री रहे हैं। जयराम सरकार में विरोध के बाद उन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया था। जिला सिरमौर और हमीरपुर को एक भी मंत्री नहीं मिला है। ऐसे में विधानसभा के अध्यक्ष राजीव बिंदल और नरेंद्र ठाकुर भी मंत्री पद के तलबगार माने जा रहे हैं।