धर्मशाला में 7 और 8 नवंबर को हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर मीट पर विपक्ष के आरोपों पर सीएम जयराम ठाकुर ने तीखा पलटवार किया है। सीएम ने तंज कसा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में विपक्ष के लोग सैर-सपाटा ही करते रहे।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि इन नेताओं को हिमाचल में आयोजित हो रही इन्वेस्टर मीट के आयोजन को लेकर कोई भी आरोप लगाने से पहले कांग्रेस शासित राज्यों के इन्वेस्टर मीट पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में गत 18 अक्तूबर को इन्वेस्टर मीट हुई है।
वहां कितने के निवेश का लक्ष्य रखा गया था और कितने का निवेश हो पाया है, यह देखा जाए। पंजाब सरकार भी इन्वेस्टर का आयोजन करने वाली है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन्वेस्टर मीट के आयोजन से पहले विभिन्न राज्यों का गंभीरता से अध्ययन किया है।
इसके बाद अधिकारियों ने इन राज्यों की इन्वेस्टर मीट में हिस्सा भी लिया। इन्वेस्टर मीट से पहले सरकार ने देश-विदेश में रोड शो आयोजित किए। यूएई को पार्टनर देश बनाया है। सरकार ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए ईमानदारी से प्रयास किए हैं और 83 हजार करोड़ के एमओयू किए जा चुके हैं।
पूरा निवेश नहीं होगा, पर निवेशकों के साथ कायम होगा रिश्ता : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने इन्वेस्टर मीट से पहले 83 हजार करोड़ के निवेश के लिए समझौता ज्ञापनों में हस्ताक्षर किए हैं, पर इसके बाद पूरा निवेश कहीं भी नहीं हो पाता है। अन्य राज्यों में अध्ययन से भी यह बात सामने आई है। सीएम ने यह बात अनुराग ठाकुर की शत-प्रतिशत निवेश की सलाह के बाद कही है। सीएम बोले कि 83 हजार करोड़ रुपये के एमओयू होने का मतलब यह नहीं है कि यह निवेश हिमाचल में आ ही गया। इससे इन्वेस्टर के साथ एक रिश्ता बनेगा। गौरतलब है कि शनिवार को अनुराग ठाकुर ने कहा था कि मीट करवाना अच्छा फैसला है। इससे नया निवेश आएगा, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसका सौ फीसदी पैसा हिमाचल में निवेश हो।
सीएम जयराम ठाकुर ने रविवार को शिमला में प्रेस सम्मेलन में कहा कि लक्ष्य निर्धारित करने के बाद ही सफलता मिलती है। हिमाचल में निवेशकों के लिए अच्छा माहौल है। सरकार इन्वेस्टर मीट के बाद भी निवेशकों से बराबर संपर्क में रहेगी, जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश हो। उन्होंने कहा कि गुजरात वाइब्रेंट में भी पहले साल पूरा निवेश नहीं हुआ था। हर दो साल में गुजरात वाइब्रेंट आयोजित करते हैं और हर बार गुजरात में निवेश बढ़ रहा है। हिमाचल में वह निवेशकों से बराबर संपर्क में रहेंगे, जिससे निवेश के लक्ष्य को छुआ जा सके।
सरकार चाहेगी कि प्रदेश में पर्यावरण साफ रहे और लोगों को ज्यादा रोजगार मिले। प्रधानमंत्री नरेंद मोदी इन्वेस्टर मीट के शुभारंभ मौके पर सात नवंबर को बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे, जबकि गृह मंत्री अमित शाह समापन समारोह में आठ नवंबर को मुख्य अतिथि होंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, प्रह्लाद पटेल और अनुराग ठाकुर भी मौजूद रहेंगे। यूएई सहित 16 देशों के राजदूत और बड़े औद्योगिक घराने आएंगे इन्वेस्टर मीट में हिस्सा लेंगे।
सीएम ने बताया कि प्रदेश में बिजली क्षेत्र में सबसे ज्यादा 27,000 करोड़ का निवेश हुआ है। पर्यटन क्षेत्र में 15,000 करोड़ के निवेश के लिए सबसे ज्यादा 192 एमओयू सरकार के साथ हुए हैं। उद्योग में 13,700 करोड़ निवेश होगा। 12,000 करोड़ के 31 एमओयू हाउसिंग के लिए हुए हैं। फूड प्रोसेसिंग, वेलनेस, आईटी, फार्मा आदि में भी निवेश होगा। हिमाचल फार्मा में निवेशक करने वालों में एशिया में नंबर वन है। दो दिन तक आयोजित होने वाली इन्वेस्टर मीट में कुल 8 सत्र होंगे।