विपक्ष के रवैये से नाराज महेंद्र सिंह ने कहा कि इस मामले में तो विपक्ष के किसी विधायक पर एक खरोच तक नहीं आई। लेकिन कांग्रेस का विधायक रहते हुए मेरे ही विधानसभा क्षेत्र से तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के इशारे पर पुलिस ने मुझे भरे मंच से उठा लिया था।
यही नहीं बकरे की तरह मुझे हाथ पैर पकड़कर ले गई और मेरी पिटाई की। लेकिन तब न तो उस समय के मुख्यमंत्री ने माफी मांगी और न ही किसी एसपी, डीसी का निलंबन हुआ।
कहा कि यह विपक्ष की आपसी लड़ाई का नतीजा है जिसमें कोई नेता प्रतिपक्ष को नीचा दिखाना चाहता है तो कोई अपने को आगे दिखाने में जुटा है। कहा कि यहां तो पुलिस ने अपराधियों पर कार्रवाई की।
इसके बाद भी एसपी के निलंबन की मांग कर रहे हैं। कहा कि छह बार के सीएम और वरिष्ठ नेता अपने विधायकों को समझाएं ताकि वह जनता के पैसे और समय की बरबादी न करें।