सीएम जयराम ठाकुर ने पीटरहॉफ में बुधवार को कहा कि यहां हम जब बच्चों को सम्मानित कर रहे थे तो हम उनके नाम और घर के बारे में पूछ रहे थे। ये भी पूछ रहे थे कि उन्हें आगे क्या करना है।
मगर इनमें से कोई एक भी ऐसा बच्चा नहीं मिला, जिसने यह कहा हो कि मुझे नेता बनना है। हम तो बहुत सुरक्षित हो गए हैं। हमारा भविष्य सुरक्षित है। ज्यादातर बच्चों ने डाक्टर बनने की इच्छा जताई। बहुत सारे बच्चों ने कहा कि हमें आईएएस बनना है।
बहुत सारों ने यह भी कहा कि हमें सेना में अधिकारी बनना है। एक बच्ची ने कहा कि मुझे प्रोफेसर बनना है। जयराम बोले - मैं उस बच्ची को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं। जयराम ठाकुर ने शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की ओर इशारा कर कहा, भारद्वाज जी! ये सचमुच चिंता का विषय है कि कोई मास्टर नहीं बनना चाहता है।
आज के इस कार्यक्रम में बहुत सारे बच्चे ऐसे आए हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों से थे। वे साधन के अभाव में भी रहे। सुविधाओं के अभाव में भी रहे। मगर उन्होंने आज ये आयाम स्थापित किए हैं।
सम्मान समारोह के दौरान बच्चे मंच पर मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों के पैर छू रहे थे। इस पर उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह और स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने मंच संचालक को कहा कि लड़कियों से पैर न छूने का आग्रह किया जाए।
उन्होंने कहा-बेटियां हमारा मान हैं, पैर न छूएं। इसके बाद शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने लड़कों को भी पैर न छूने को कहा। बावजूद इसके सम्मानित होने के बाद बच्चे मंत्रियों के पैर छूते रहे। सीएम खुद भी पैर छूने वाले बच्चों को गले लगाते रहे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बच्चों को स्कूलों में नशे के खिलाफ पाठ पढ़ाया जाएगा। नशा निवारण पर पाठ को सिलेबस में शामिल किया जाएगा। इसमें भी नैतिक शिक्षा को भी शुरू किया जाएगा।
जयराम ठाकुर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा निवारण की दृष्टि से मैं यह कहना चाहता हूं कि हमारा एक चैप्टर नशा निवारण पर होना चाहिए। नैतिक शिक्षा का भी हम आने वाले समय में सिलेबस में प्रावधान करेंगे।
शिक्षा विभाग इस पर काम कर रहा है। इस दिशा में काम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बहुत अच्छे बच्चे गलत संगत में बर्बाद हो रहे हैं। पिछले दिन हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में भी नशे के खिलाफ कड़े फैसले लिए गए हैं।
जयराम बोले - मेरा बच्चों और उनके अभिभावकों से अनुरोध है कि इसमें सबको काम करने की जरूरत है। सारी बातें सरकार पर छोड़ना भी सही नहीं है। बहुत अच्छे-अच्छे बच्चे इसमें बर्बाद हो रहे हैं। जब कोई समाज खड़ा होता है तो कोई ताकत नहीं रोक सकती।
ड्रग्स को समाप्त करने के लिए अभियान की तरह इसे लिए जाने की जरूरत है। जयराम ठाकुर ने कहा कि बजट में प्रावधान किया है कि जो बच्चे कोचिंग नहीं कर पाते, उनके लिए मेधा प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। हम इस योजना को जल्दी शुरू करेंगे। इन बच्चों की मदद करने के लिए बीड़ा उठाया गया है।