राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। अभिभाषण के बाद जब चर्चा होती है तो उसमें विपक्ष भाग लेता है। प्रदेश के हर व्यक्ति को इसकी पीड़ा है कि जो व्यवहार राज्यपाल के साथ हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। जयराम बोले-मैं चश्मदीद गवाह हूं, मुकेश अग्निहोत्री ने राज्यपाल के एडीसी को धक्का दिया। राज्यपाल की गाड़ी पर लगे तिरंगे झंडे का भी अपमान किया गया। सीएम ने कहा, विधानसभा परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनकी फुटेज सदन में चलाई जाए और प्रदेश की जनता को भी दिखाई जाए।
सीएम ने कहा कि राज्यपाल ने अभिभाषण कितना पढ़ना है, इसके लिए सदन से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती। आशा कुमारी कह रही हैं कि उनकी राज्यपाल की ओर पीठ थी तो भी क्या यह उचित तरीका था। अपने आप एक के बाद एक एक्सपोज हो रहे हैं। अभिभाषण अभी राज्यपाल ने पढ़ा भी नहीं था और विपक्ष ने इसे झूठ का पुलिंदा बता दिया। राज्यपाल जब गाड़ी की ओर बढे़ तो रास्ता रोक दिया।
विपक्ष के विधायक अपनी सीट से विस उपाध्यक्ष की सीट के पास आते हैं और फि र कहते हैं कि उन पर मामला दर्ज करें। मामला तो विपक्ष के विधायकों पर बनता है। विपक्ष के लोगों में निराशा है, क्योंकि ये लोकसभा चुनाव हारे, उपचुनाव हारे, जिला परिषद, बीडीसी और पंचायत चुनाव में भी इन्हें हार मिली। सीएम ने कहा कि अभी भी इन्हें गलती मान लेनी चाहिए, इनको यह सलाह है।