इसके अलावा लोक निर्माण विभाग ने कर्मचारियों के साथ करीब 150 मशीनें फील्ड में तैनात कर दी हैं। जरूरत पड़ने से निजी डोजर और जेसीबी को भी हायर किए जाने पर भी विचार चल रहा है।
फील्ड में तैनात लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, एसडीओ और जेई को सड़क प्रभावित संबंधित मुख्य कार्यालय में सूचना देने को कहा गया है।
परिवहन निगम ने चालकों-परिचालकों को बर्फबारी में बसें न चलाने की निर्देश दिए हैं। चालकों से कहा गया है कि जब तक सड़क पर फिसलन हो रही है, बसें सड़कों के किनारे खड़ी कर इसकी सूचना निगम कार्यालय में दें।
राजधानी में पहली बर्फबारी ने लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। मंगलवार साढ़े छह बजे के करीब संजौली कॉलेज के पास बुरांश का एक पेड़ अचानक से गिर गया। इस पेड़ के गिरने के कारण सड़क पर पैदल चल रहे चार लोग चपेट में आ गए।
घायलों को उपचार के लिए आईजीएमसी पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में इनका उपचार चल रहा है। मंगलवार शाम को संजौली कॉलेज के पास पेड़ गिरने के बाद चार लोग घायल हो गए थे।
मौके पर एक महिला ने 108 एंबुलेंस को फोन भी किया, लेकिन दूसरी ओर से जवाब आया कि वह मौके पर नहीं आ सकते। गाड़ियां बर्फबारी में फंसी है। इसके बाद संजौली से जाखू की ओर पैदल आ रही कुसुमलता शर्मा ने घायलों को मदद न मिलने के बाद घायलों को पैदल ही आईजीएमसी में उपचार के लिए
पहुंचाया। उधर, इस मामले पर प्रोग्राम मैनेजर शिमला डिविजन 108 आकाश दीप ने बताया कि बर्फबारी के कारण एंबुलेंस फंस गई थी। जिसके कारण आवाजाही नहीं हो पाई। जबकि सड़क के खुलने के बाद निरंतर अंतराल में सेवा जारी रखी गई।
चेन लगी जिप्सी चलाई जाएगी इमरजेंसी में
108 का दावा है कि रात में इमरजेंसी सेवाओं के दौरान चेन लगी एंबुलेंस को चलाया जाएगा। जिससे कि रात्रि सेवा प्रभावित न हो। पेड़ गिरने के बाद वन विभाग ने मौके पर मजदूरों को भेजा है। देर रात तक पेड़ को हटाने का कार्य जारी है।
बर्फबारी के चलते मंगलवार शाम घंटों तक सर्कुलर रोड जाम रहा। शाम करीब छह बजे होटल होलीडे होम के पास एक निजी बस और एक गाड़ी में हल्की टक्कर भी हो गई। इससे यहां लंबा जाम भी लग गया। बर्फ से स्किड होने के चलते दोनों में समझौता भी हो गया।
लेकिन जगह जगह गाड़ियां स्किड होती रही जिससे यातायात ठप रहा। शाम करीब सात बजे धीमी रफ्तार से यातायात चलता रहा। डीएसपी ट्रैफिक चमननलाल का कहना है कि बर्फबारी के चलते यातायात धीमा हुआ लेकिन यातायात देर शाम तक बहाल कर दिया गया है।
शिमला-चंडीगढ़ रूट पर जाने वाली बसें सामान्य शेड्यूल के अनुसार चल रही है। एचआरटीसी प्रबंधन के अनुसार इस रूट पर यातायात प्रभावित नहीं हुआ है। रिकांगपिओ जाने वाली बसें वाया मशोबरा बसंतपुर होते हुए रवाना की गई है। इस रूट पर यातायात सामान्य है।
टुटू के पास फंसी बसें
वहीं, टुटू के पास भी कई गाड़ियां बर्फ के चलते स्किड हो गई। इसके चलते कई बसें भी यहां फंसी रही। आठ बजे आईएसबीटी से रिकांगपिओ जाने वाली बस भी यहां घंटों तक फंसी रही।
नगर निगम महापौर कुसुम सदरेट की गाड़ी भी होटल होलीडे होम के पास बर्फ में फंस गई। इसके चलते मेयर को कुछ दूरी तक पैदल ही चलना पड़ा। काफी देर बाद में गाड़ी बर्फ और जाम से निकली। इसके बाद मेयर गाड़ी में ही अनाडेल रवाना हुई।
निगम ने खोले अस्पताल के रोड
शहर में नगर निगम अस्पतालों के रोड भी देर शाम ही सुचारू कर दिए। डिप्टी मेयर राकेश कुमार शर्मा का कहना है कि सभी अस्पतालों के रोड खोल दिए गए हैं। संजौली रोड से भी बर्फ हटाने के लिए नगर निगम की जेसीबी मशीनें काम कर रही हैं।
पहली बर्फबारी ने बिजली बोर्ड की पोल खोल दी है। ढली सब स्टेशन के जीओ स्विच ब्लास्ट होने से करीब 15 ट्रांसफार्मर ठप हो गए। इससे आधा शहर अंधेरे में डूब गया है। भराड़ी, पीएनटी, दुधली, भौंट, कुफटाधार, डुम्मी, रज्ञान क्षेत्रों में अंधेरा छा गया है।
बत्ती गुल होने से लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। स्विच ब्लास्ट होने से क्षेत्र के करीब 15 ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए। ढली सब स्टेशन के सहायक अभियंता ने बताया कि जीओ स्विच में पोस्ट ब्लास्ट हो गया। इससे 15 ट्रांसफार्मरों से विद्युत आपूर्ति बंद हो गई।
रोहड़ू, चौपाल नहीं जा सकीं 22 बसें, यात्री परेशान
आईएसबीटी से रोहड़ू, चौपाल समेत अपर शिमला जाने वाली 22 बसें शिमला से ही रवाना नहीं हो पाईं। इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एचआरटीसी प्रबंधन के अनुसार बुधवार सुबह यदि सड़क बहाल होती है तो ये बसें रवाना की जाएंगी।
राजधानी शिमला में मंगलवार दोपहर बाद बर्फबारी शुरू होते ही पड़ोसी राज्यों से सैलानियों का शिमला पहुंचना शुरू हो गया है। बर्फबारी होने से हिमाचल में पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। साल 2018 की पहली बर्फबारी देखने के लिए सैलानी खासे उत्साहित हैं।
मंगलवार शाम करीब सात बजे तक शिमला में बाहरी राज्यों से भारी संख्या में सैलानी गाड़ियां लेकर पहुंचे। शिमला में मंदी के दौर से जूझ रहे होटलों में भी ऑक्यूपेंसी फुल हो गई है। शिमला के अलावा मनाली, डलहौजी और कसौली का भी सैलानियों ने रुख किया है।