पीटरहॉफ में राज्य कर एवं आबकारी विभाग और हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड की पहल ‘नशा नहीं, जिंदगी चुनो’ अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ शपथ दिलाई।
राज्य में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने और नशाखोरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) की अध्यक्षता में एक विशेष कार्य बल का गठन किया जाएगा। इसमें राज्य कर एवं आबकारी विभाग के अधिकारी भी शामिल किए जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह घोषणा रविवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में की।
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पीटरहॉफ में राज्य कर एवं आबकारी विभाग और हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड की पहल ‘नशा नहीं, जिंदगी चुनो’ अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि राज्य नशा निवारण बोर्ड का गठन भी किया गया है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग में पुलिस कर्मियों के 73 पद सृजित कर भरे जाएंगे। इससे एनडीपीएस और अन्य नियामक कानूनों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करों और इसके अवैध व्यापार में शामिल लोगों की लगभग 20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।
मुख्यमंत्री ने नशा तस्करों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए राज्य कर एवं आबकारी विभाग के वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नशीले पदार्थों का पता लगाने वाली किट भी वितरित कीं। इस दौरान उन्होंने चित्रकला, मैराथन, नारा लेखन आदि प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी बांटे। आईआरबी बनगढ़ और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने इस दौरान नशीली दवाओं के दुष्परिणामों पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत की। इससे पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को भी सुना।
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बच्चों के साथ वक्त व्यतीत करें अभिभावक
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों के व्यवहार और उनमें होने वाले परिवर्तन की निगरानी करें। बच्चों के साथ समय व्यतीत करें। उन्होंने शिक्षकों से स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास चल रहीं गतिविधियों पर नजर रखने का भी आग्रह किया।