मंत्रियों के खाली चल रहे इन पदों के लिए वरिष्ठ विधायकों में रमेश धवाला, नरेंद्र बरागटा, राकेश पठानिया, सुखराम चौधरी जैसे नामों पर चर्चा हो रही है। हालांकि वरिष्ठ विधायकों में ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला और जुब्बल-कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा की कैबिनेट रैंक के पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, मगर इनके समर्थक पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं।
दोनों वरिष्ठ विधायक सदन में गरमाहट के साथ अपने क्षेत्र के मसले उठा रहे हैं। इनके अलावा नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया और पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी भी वरिष्ठता के चलते मंत्री पद की रेस में माने जा रहे हैं। हालांकि, एक चर्चा यह भी है कि जयराम किसी कनिष्ठ विधायक को भी कामकाज में चुस्ती, क्षेत्रीय, जातीय आदि समीकरणों को साधते हुए मंत्री बना सकते हैं।