मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के नाम की भाजपा अध्यक्ष पद के लिए जल्द घोषणा हो सकती है। नड्डा की ताजपोशी होती है तो यह हिमाचल के लिए केंद्र में मंत्री पद से बड़ा तोहफा होगा। सीएम बुधवार को मंडी के ऐतिहासिक सेरी मंच पर भाजपा की आभार रैली को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में भाजपा को जीत मिलेगी यह पक्का था लेकिन इतनी ऐतिहासिक मिलेगी इससे वे खुद भी हैरत में हैं। वोट शेयर में हिमाचल पूरे देश में नंबर एक पर है। 70 फीसदी वोट भाजपा को पड़ा है। हिमाचल के लिए यह बड़ी उपलब्धि है।
केंद्र सरकार में अनुराग ठाकुर को मंत्रालय मिलना भी हिमाचल के लिए तोहफा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में ऐसी ऐतिहासिक जीत फिर मुश्किल होगी। यह जीत सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही मिली है। नरेंद्र मोदी लोगों की रूह में उतर गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी मतदाताओं का आभार जताया। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती भी मौजूद रहे। सीएम ने सुंदरनगर से लेकर मंडी तक ओपन कार में रोड शो किया और जनता का आभार जताया।
सीएम ने वीरभद्र और सुखराम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का गढ़ कही जाने वाली शिमला सीट से भाजपा ने विजय हासिल की। मंडी भी फतह किया। शिमला सीट को वीरभद्र के कारण पक्का माना जाता रहा है क्योंकि यह सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। मंडी को लेकर भी ऐसे ही दावे होते रहे हैं। लेकिन इन सीटों पर भी कांग्रेस को करारी हार मिली है।
कांग्रेस के बड़े नेता अपने बूथों और विधानसभा क्षेत्रों में ही हार गए। सीम ने कहा कि वीरभद्र कहते हैं जिंदगी में कांग्रेस की ऐसी हार नही देखी। कहते हैं शोध करेंगे। सही कह रहे हैं। भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर शोध करने की जरूरत है। जनता ने वीरभद्र और सुखराम का भ्रम तोड़ दिया है।
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी में विजन की कमी है। उनमें नेतृत्व क्षमता नहीं है। बेहतर है कि राहुल गांधी अध्यक्ष बने रहें। इसमें भाजपा का ही फायदा होगा। कांग्रेस उनके नेतृत्व में कभी आगे नहीं बढ़ पाएगी। राहुल गांधी का अमेठी में हारना गांधी परिवार के लिए चिंता की बात है।
अब समय गांधी परिवार से मुक्त होने का आ गया है। कांग्रेस ने चुनाव प्रचार में जो नारा दिया, उसका जनता ने करार जवाब दिया। सीएम ने कहा कि एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद कांग्रेस ने हार का रोना रोने के लिए ईवीएम का सहारा लेने की योजना बना ली थी लेकिन रिजल्ट के बाद रोना ही बंद हो गया।