प्रदेश को विकास के पथ पर आगे लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। पिछली सरकार ने जाते-जाते घोषणाओं की झड़ी लगा दी। प्राइमरी, मिडिल, हाई स्कूल व 16 डिग्री कॉलेज खोले गए।
सत्ता में आते ही जब उन्होंने बजट का पता किया तो एक कॉलेज के हिस्से में एक लाख का ही बजट आया जबकि एक महिला मंडल भवन बनाने के लिए भी 5 लाख रुपये की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि डॉ. वाईएस परमार ग्रामीण परिवेश से निकले मुख्यमंत्री थे। हिमाचल को बनाने के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है, लेकिन विकास की दृष्टि से सिरमौर जहां खड़ा होना चाहिए था, वहां नहीं पहुंचा।
हरिपुरधार मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी झूम उठे। गीता भारद्वाज ने जैसे ही कोसी बिने सराजी.., गीत गाया सीएम मंच पर उठकर नाचने लगे। उनके साथ सिरमौर के अन्य नेता भी नाटी में शरीक हुए। यही नहीं, उन्होंने सिरमौर नाटी पर भी माला नृत्य किया।
हरिपुरधार बनेगा पर्यटन स्थल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिपुरधार को राज्य के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस स्थान को विकसित करने का मामला ‘स्वदेश दर्शन कार्यक्रम’ के अंतर्गत भारत सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। इस क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटकों और आम जनमानस को सुविधा देने के लिए माता भंगयाणी मंदिर परिसर में सभी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
कसौली में ड्यूटी के दौरान गोलियों का शिकार बनीं महिला अधिकारी शैल बाला के घर बारी गांव में सीएम जयराम ठाकुर रविवार को शोक जताने पहुंचेंगे।
बीते 1 मई को क्षेत्र की इस अधिकारी की हत्या के बाद पुलिस और सरकार के प्रति परिजनों और जनता में भारी आक्रोश पनपा। कांग्रेस ने प्रदेश भर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए।
परिजनों और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना होने पर भी भाजपा सरकार का अब तक कोई भी मंत्री परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंच पाया है, जबकि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सहित कई नेता अंत्येष्टि से लेकर घर में शोक जताने पहुंच चुके हैं।
उधर, सीएम ने शुक्रवार को महिला अधिकारी के पति से फोन पर बात की और उन्हें सरकार की ओर से इस दुख की घड़ी में उनके साथ होने की बात कही। यह जानकारी विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने दी है।