नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से सड़कों की मरम्मत न करने पर मुख्यमंत्री ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोताही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस तरह की लापरवाही से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक सोमवार शाम को हुई। उन्होंने अधिकारियों को बगैर विटुमिन वाले काम समय पर करने के निर्देश दिए।
ठाकुर ने एक संयुक्त समिति एसडीएम, डीएफओ, अधिशासी अभियंता और संबंधित प्रधान की अध्यक्षता में बनाने की संभावना का भी सुझाव दिया। जिससे कि बची हुई पंचायतों के मुख्यालयों को भी सड़क से जोड़ा जा सके। उन्होंने आदेश जारी किए कि सड़क निर्माण में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि काम के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
राष्ट्रीय उच्च मार्ग अथॉरिटी की ओर से आठ सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहे हैं, जो कि पूरा होने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 69 राष्ट्रीय उच्च मार्ग को बनाने की मंजूरी दी है। इनमें से 63 एनएच की डीपीआर बना दी गई है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय उच्च मार्ग अथॉरिटी की ओर से सड़कों का ठीक से प्रबंधन नहीं किए जाने पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा की सड़कों को ठीक से मेंटेन किया जाना चाहिए। इसे गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री की ओर से की गई 205 घोषणा में से 128 को पूरा कर लिया गया है और 77 घोषणाएं भी उन्नति में है। इस मौके पर कई अधिकारी भी मौजूद रहे।