मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों की तस्करी और प्रयोग पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह एक गंभीर समस्या है और इससे निपटने के लिए कड़ी सतर्कता की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने पुस्तिका के प्रकाशन के लिए जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों व सुरक्षा उपायों की जानकारी प्राप्त होगी और महिलाओं को एक सुरक्षित वातावरण प्राप्त करने व उनके विरूद्ध होने वाले अपराधों में कमी आएगी।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों में महिलाओं के कल्याण तथा उन्हें सशक्त बनाने के लिये किए जा रहे उपायों पर चर्चा की। उन्होंने पुलिस प्रशासन शिमला से आग्रह किया कि संजौली , मल्याणा , चम्याणा सहित कई इलाकों में नशाखोरी बढ़ रही है ।
कालेजों और स्कूलों के बाहर नशा बेचा जा रहा है उन्होंने एसपी शिमला से कहा कि वहां पर गश्त बढ़ाए। उपायुक्त अमित कश्यप ने कहा कि पुस्तिका को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशित किया गया है और इसके अलावा दृष्टिबाधित कन्याओं के लिए ब्रेल लिपि में भी तैयार की गई है।
पुस्तिका की 1000 प्रतियां जिला के सभी कन्या विद्यालयों 9वीं से 12 वीं कक्षा तक पढ़ने वाली छात्राओं कामकाजी महिलाओं और कालेज और विश्वविद्यालयों में भी वितरित किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त देवा श्वेता बनिक ने इस मौके पर धन्यवाद प्रस्ताव रखा।