सूत्रों ने बताया कि कुछ सरकारी महकमे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मनोनुकूल काम नहीं कर रहे हैं। यही कुछ मंत्रियों से नाराजगी की बड़ी वजह मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री 27 दिसंबर को आयोजित हो रहे सरकार के एक साल के जश्न तक खामोशी रखेंगे। इसके बाद सीएम कड़ा लहजा अपनाने के मूड में हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रोें की मानें तो सीएम चाहते हैं कि सभी महकमे तेज रफ्तार से काम करें। चाहे सीएम की बजट घोषणाओं का मामला हो या फि र कोई और मसला हो।
वह विभागों, विभागीय सचिवों और इनके मंत्रियों की इसमें चुस्ती चाहते हैं। अभी भी मुख्यमंत्री की कुछ बजट घोषणाएं धरातल पर लागू नहीं हो सकी हैं, जबकि अगले बजट की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इससे सीएम खासे नाराज बताए जाते हैं। इसमें कुछ मंत्रियों की भी ढील सामने आई है। इसके अलावा तमाम मंत्रियों के जनता से व्यवहार का भी सीएम खासा नोटिस ले रहे हैं।
सीएम जयराम ठाकुर ने धर्मशाला में शीतकालीन सत्र के दौरान भी इशारों में अपने कुछ वजीरों को सुधरने की नसीहत दी है। सूत्रों ने बताया कि शीत सत्र के दौरान भी कुछ मंत्रियों की ओर से सदन में ठीक से जवाब न देने और तैयारी के साथ आने पर भी वह खूब नाराज रहे। बताते हैं कि सत्र के अंत में मंत्रिमंडल की एक बैठक में भी कुछ मंत्रियों के वह स्क्रू टाइट कर चुके हैं।
मोदी, शाह को दोबारा दिया जा सकता है रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी मंत्रियों की परफोर्मेंस का रिपोर्ट कार्ड दे सकते हैं। उसी के बाद कोई फैसला लेंगे। पहले भी एक बार वह शाह को रिपोर्ट कार्ड दे चुके हैं। केंद्रीय नेतृत्व उन्हें फैसले लेने के लिए पूरी तरह से फ्री हैंड दे चुका है।
हिमाचल में कुछ मंत्रियों की अलग-अलग शक्ति केंद्रों में आस्थाएं भी जगजाहिर हैं। इसे भी इनकी प्रभावित कार्यशैली से जोड़कर देखा जा रहा है। इनमें से कुछ मंत्री दो पूर्व मुख्यमंत्रियों और एक केंद्रीय नेता के खूब करीब बताए जाते हैं। ऐसे कुछ मंत्री भी कामकाज से ज्यादा अपनी आस्थाओं पर भरोसा रखे हुए हैं।
सूत्रों की मानें तो इस तरह की बातें भी सरकारी कामकाज को प्रभावित कर रही है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी इससे संबंधित रिपोर्ट दिल्ली तक पहुंचा चुकी हैं। इसके बावजूद केंद्रीय नेतृत्व जयराम ठाकुर को अपने स्तर पर तमाम फैसले लेने को फ्री हैंड दे चुका है।
सचिवालय में नहीं बैठ रहे मंत्री, रोटेशन तय करने पडे़
कुछ मंत्री सचिवालय में बैठने से भी गुरेज कर रहे हैं। इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। इसी वजह से सीएम जयराम ठाकुर को हफ्ते में दो-दो मंत्रियों के रोटेशन तय करने पडे़ हैं।