मुख्यमंत्री ने कहा कि सुन्नी और तत्तापानी क्षेत्र में जल क्रीड़ाओं की अपार संभावनाएं हैं। सुन्नी, तत्तापानी, करसोग, जंजैहली और शिकारी माता को पर्यटन सर्किट की दृष्टि से विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
सीएम ने सुन्नी बस अड्डे का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने गौडु-पलघार सड़क और घैणी-तबोग सड़क के लिए दस-दस लाख रुपये देने की घोषणा की।
सीएम ने विभिन्न संपर्क सड़कों के लिए 23 लाख रुपये की घोषणा भी की। उन्होंने सुन्नी में खंड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय की घोषणा की। साथ ही घोषणा की कि एसडीएम ग्रामीण सप्ताह में दो दिन सुन्नी में बैठेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार टोपी और क्षेत्रवाद की ही राजनीति करती रही। लेकिन वर्तमान सरकार विकास कर रही है। शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार ने भी काफी विकास किया है।
हम जनता से जुड़े कामों में सरकार को सहयोग दे रहे हैं। सीएम का स्वागत करते हुए विक्रमादित्य ने क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की मांग की। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से सुन्नी को देश का प्रमुख जलक्रीड़ा गंतव्य विकसित करने का आग्रह किया।
शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लिए 9000 करोड़ रुपये की केंद्रीय परियोजनाएं प्राप्त करने में कामयाब रही है। क्षेत्र से भाजपा नेता डॉ. प्रमोद शर्मा ने क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों का विवरण दिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सुन्नी में एसडीओ कार्यालय खोलने का भी आग्रह किया। इस दौरान करसोग के विधायक हीरालाल, महापौर कुसुम सदरेट, कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष रवि मेहता, भाजपा
मंडला अध्यक्ष रणदीप कंवर, सक्षम गुड़िया बोर्ड की अध्यक्ष रूपा शर्मा, उपायुक्त अमित कश्यप, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियंता विक्रांत सुमन और लोनिवि के मुख्य अभियंता ललित भूषण मौजूद रहे।