पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि प्रदेश में पहली बार स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में स्कूल और कॉलेजों ऐेतिहासिक कार्यक्रम हुआ है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की भाषण प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कार समारोह में कहा कि छात्रों की ओर विवेकानंद पर दिए गए भाषण, भाषण न रह जाएं, बल्कि स्वामी विवेकानंद नंद के आदर्शों के अपने जीवन में अपनाएं।
उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में भाग लेेने वाले स्वामी के आदर्शों को अपनाएंगे तो समझ लो कि उनका यह कार्यक्रम सफल हो गया। एक चिकित्सक और इंजीनियर बनना आसान है, लेकिन एक अच्छा इंसान बनना कठिन है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि बड़े अफसर बनने के साथ एक अच्छा इंसान जरूर बनें। शांता ने कहा कि कभी वाणी बहादुर मत बनना, कर्म बहादुर जरूर बनना। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद नंद के आदर्शों पर चल कर ही वह आगे बढ़े हैं।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक मुल्खराज प्रेमी, रवि धीमान, राकेश पठानिया, अरुण मेहरा, विशाल नैहरिया, अर्जुन ठाकुर, पूर्व विस अध्यक्ष बीबीएल बुटेल, डॉ. सुनील ठाकुर, राहुल राणा, उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति, एसपी विमुक्त रंजन, एबीवीपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल, संयोजक डॉ प्रदीप कुमार, केसीसी बैंक के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज, इंदु गोस्वामी, पूर्व विधायक दूलो राम, प्रवीण कुमार, विक्रम शर्मा, विनय शर्मा, संजीव सोनी मौजूद रहे।