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विवेकानंद के आदर्शों को लेकर स्कूल व कॉलेज में होना चाहिए समारोह : जयराम

Sun, 12 Jan 2020 06:17 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
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- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आगे लाने के लिए स्कूल और कॉलेजों में समारोह होने चाहिए। विश्व स्तर पर हिंदू धर्म और हिंदू अध्यात्मवाद के पुन: उत्थान का श्रेय स्वामी विवेकानंद को जाता है। उन्होंने समाज, गरीबों और वंचितों के हित के लिए अथक प्रयास किए। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए गए भाषण का आज भी उतना ही महत्व है।

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इतिहास के साथ कई चीजें आदमी भूल जाते है, लेकिन स्वामी विवेकानंद को आज भी कोई नहीं भूला है। मुख्यमंत्री पालमपुर के कायाकल्प संस्थान में स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह की भाषण प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कार समारोह में बोल रहे थे। कहा कि स्वामी विवेकानंद न केवल एक आध्यात्मिक विचारक थे, बल्कि वे एक प्रखर विचारक, महान वक्ता और देशभक्त भी थे।

स्वामी ने पश्चिमी लोगों को यह अनुभव करवाया कि गरीबी और पिछड़ेपन के बावजूद भारत का विश्व संस्कृति में महान योगदान था। स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं और जीवन के बारे में युवा पीढ़ी को शिक्षित करने के लिए इस तरह के समारोह का आयोजन सराहनीय है। देश के मजबूत नेतृत्व के कारण ही आज जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाई गई है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व के कारण भारत दुनिया के विश्वशक्ति के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार बांटे। उन्होंने विवेकानंद ट्रस्ट को 11 लाख रुपये अपनी ऐच्छिक निधि से देने की घोषणा की।

कायाकल्प हिमालयन अनुसंधान संस्थान को 8.50 लाख देने की घोषणा की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विवेकानंद मेडिकल संस्थान के परिसर में स्वामी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि समर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान नहीं आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ओडिशा में भेजे जाने के कारण वह पालमपुर नहीं आ सके।

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पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि प्रदेश में पहली बार स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में स्कूल और कॉलेजों ऐेतिहासिक कार्यक्रम हुआ है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की भाषण प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कार समारोह में कहा कि छात्रों की ओर विवेकानंद पर दिए गए भाषण, भाषण न रह जाएं, बल्कि स्वामी विवेकानंद नंद के आदर्शों के अपने जीवन में अपनाएं।

उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में भाग लेेने वाले स्वामी के आदर्शों को अपनाएंगे तो समझ लो कि उनका यह कार्यक्रम सफल हो गया। एक चिकित्सक और इंजीनियर बनना आसान है, लेकिन एक अच्छा इंसान बनना कठिन है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि बड़े अफसर बनने के साथ एक अच्छा इंसान जरूर बनें। शांता ने कहा कि कभी वाणी बहादुर मत बनना, कर्म बहादुर जरूर बनना। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद नंद के आदर्शों पर चल कर ही वह आगे बढ़े हैं।

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक मुल्खराज प्रेमी, रवि धीमान, राकेश पठानिया, अरुण मेहरा, विशाल नैहरिया, अर्जुन ठाकुर, पूर्व विस अध्यक्ष बीबीएल बुटेल, डॉ. सुनील ठाकुर, राहुल राणा, उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति, एसपी विमुक्त रंजन, एबीवीपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल, संयोजक डॉ प्रदीप कुमार, केसीसी बैंक के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज, इंदु गोस्वामी, पूर्व विधायक दूलो राम, प्रवीण कुमार, विक्रम शर्मा, विनय शर्मा, संजीव सोनी मौजूद रहे।
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