कहीं भी पहुंचे अपने शिक्षक को भी न भूलें। मेरा बच्चों से निवेदन है कि निश्चित रूप से आदमी जब आगे बढ़ता है तो वह बहुत सी चीजें पीछे छोड़ जाता है। सीएम बोले - मैं इस बात को महसूस करता हूं कि जो अभिभावक यहां बैठे हैं, ये मुकाम हासिल किया है।
यह उनके अभिभावकों के सहयोग से ही संभव हो पाया है। मां-बाप अगर बच्चों को डांटते भी हैं तो उसके पीछे भी प्यार होता है। जाग-जागकर बच्चों को प्रेरित किया जाता है। उसके पीछे एक लक्ष्य होता है। एक भावना होती है कि हमारा बच्चा आगे बढे़, अच्छा इंसान बने।
जयराम ठाकुर बोले - मैं सभी बेटियों को भी बधाई देता हूं। मैं यहां देख रहा था कि चाहे दसवीं की परीक्षा है या प्लस टू की है। चाहे एमबीबीएस के लिए तैयारियां की हो। बहुत बड़ी तादाद में बेटियों ने मुकाम पाया है।
परिस्थिति ऐसी आ रही थी कि बेटियों की कतार में कहीं-कहीं बेटे भी थे। वे भी बढ़ें। बेटियां हर क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ती जा रही हैं। ये हमारे लिए बड़ी खुशी की बात है।