मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पर 45 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। ऐसे में प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र को भेजना ही होगा। उसका फॉलोअप कर बजट लाना होगा, तभी प्रदेश में विकास होगा। निर्देश दिए कि अफसर प्रोजेक्ट बनाएं और केंद्र को भेजकर बैठने के बजाय फॉलोअप करें और मंत्रियों से भी कराएं।
दिल्ली जाने से पहले उन्हें भी बता सकते हैं, ताकि वे दिल्ली दौरे के दौरान संबंधित विभाग के केंद्रीय मंत्री से मिलकर प्रोजेक्ट के लिए बजट देने की मांग कर सकें। मुख्यमंत्री की इन हिदायतों से साफ हो गया है कि वे प्रदेश के किसी भी विभाग को किसी भी बहाने से निष्क्रिय होने का मौका नहीं देना चाहते हैं।