विकास कार्यों में ठेकेदारों से वसूले जा रहे जीएसटी का मामला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पास पहुंच गया है। सीएम ने अफसरों को मामले का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए हैं। एसोसिएशन के चेयरमैन दिनेश कुमार और प्रधान सतीश कुमार बिज की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्होंने ठेकेदारों को विकास कार्य कराने में आ रही समस्याओं के बारे में अवगत कराया।
प्रधान सतीश कुमार बिज ने कहा कि जीएसटी फार्मूले में बदलाव न करने से ठेकेदार दोहरी मार झेल रहे हैं। ठेकेदार एक जुलाई 2017 से पहले के कार्यों पर पूरा रिफंड मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक यह पैसा ठेेकेदार को नहीं दिया गया। उनका तर्क है कि उस समय सरकार में नए टैक्स ढांचा लागू नहीं था।
बावजूद इसके पहले के आवंटित कार्यों पर भी रिफंड नहीं हो रहा है। सामान खरीदने से लेकर काम की लागत पर ठेकेदार जीएसटी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दो बार जीएसटी देने पर ठेकेदारों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राजेश सुमन का कहा कि प्रदेश में 10 हजार से अधिक ठेकेदार हैं और सभी को 12 प्रतिशत जीएसटी अदा करने के लिए लोन लेना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, ईएनसी को इस मामले का समाधान करने की बात कही। इसके बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रधान सचिव मुख्यमंत्री संजय कुंडू, प्रधान सचिव जेसी शर्मा और ईएनसी आरके वर्मा से भी मुलाकात की।