मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को नई दिल्ली में केेंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से भेंट की। उन्होंने प्रदेश के लिए 1125 करोड़ रुपये के प्राकृतिक जल संसाधन प्रबंधन परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय अनुकूलन कोष (एनएएफसीसी) में 57.75 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं को वित्तपोषित करने को मंजूरी देने का भी आग्रह किया। डॉ. हर्षवर्धन ने मुख्यमंत्री को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भी आश्वासन दिया।
उन्होंने प्रदेश सरकार की जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के परिणामस्वरूप वनों को हुए नुकसान की प्रतिपूर्ति के लिए वृक्षारोपण की सहमति की मांग पर विचार करने को सहमति दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने बैठक के दौरान महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
सीएम नेे केंद्रीय मंत्री से राज्य सरकार को वर्तमान में विकासात्मक कार्य के लिए प्रदान की गई एक हेक्टेयर वन भूमि की क्षमता सीमा को 10 हेक्टेयर करने का आग्रह किया, जिससेराज्य सरकार तत्काल वन मंजूरी प्रदान कर सके और विकास कार्यों में वन स्वीकृति की देरी से प्राप्त होने के कारण कोई बाधा न पड़े।
उन्होंने मंत्री को बताया कि अब तक इसके तहत 13 विषयों को छूट दी गई है तथा उन्होंने आग्रह किया कि इस सूची में गौशाला और शिक्षण संस्थानों को भी शामिल किया जाए।
सीएम जयराम ठाकुर ने मंगलवार देर शाम नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भेंट की। उन्होंने शाह से हिमाचल में सरकार और संगठन से जुडे़ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। जयराम ठाकुर ने शाह से यह भेंट देर शाम को ही।
इससे पहले सीएम ने हिमाचल भाजपा के प्रभारी मंगल पांडे से भी भेंट की। उनसे निगमों-बोर्डों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों की नियुक्ति पर चर्चा की। माना जा रहा है कि सीएम जयराम ठाकुर के शिमला लौटने के बाद कुछ नई नियुक्तियां की जा सकती हैं।