पारंपरिक गीत कुंजड़ी मल्हार की मधुर धुनों के बीच मिंजर का विसर्जन किया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नारियल के साथ बंधी मिंजर को रावी नदी में प्रवाहित कर ऐतिहासिक मिंजर मेले का समापन किया। ऐतिहासिक मिंजर मेला आठ दिन तक चला। इससे पहले मुख्यमंत्री ने अखंड चंडी महल में पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा में शिरकत की। भव्य शोभायात्रा शहर से होती हुई रावी के तट पर स्थित मंजरी गार्डन तक पहुंची।
अखंड चंडी में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शोभायात्रा के साथ पैदल चलते हुए मंजरी गार्डन पहुंचे। उनके साथ विस उपाध्यक्ष हंसराज, भरमौर के विधायक जिया लाल, भटियात के विधायक विक्रम सिंह जरयाल, सदर विधायक पवन नैयर, भाजपा जिला अध्यक्ष डीएस ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारी भी शोभायात्रा में मुख्यमंत्री के साथ रहे। मंजरी गार्डन में मिंजर विसर्जन से पहले पारंपरिक कुंजड़ी मल्हार गीत का आयोजन हुआ। जिसे स्थानीय कलाकारों ने प्रस्तुत किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने नारियल के साथ बंधी मिंजर को रावी नदी में बहाया। रावी नदी में मिंजर प्रवाहित होने के साथ आठ दिवसीय मिंजर मेले का समापन हुआ। मिंजर प्रवाहित करने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला परिधि गृह पहुंचा। यहां कुछ देर विश्राम करने के बाद मुख्यमंत्री आठवीं व अंतिम सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने पहुंचे। यहां मिंजर मेला आयोजन कमेटी ने मुख्यमंत्री को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।