वीरभद्र सिंह ने कहा कि सीएम जयराम ठाकुर की शराफत पर कोई शक नहीं है, लेकिन वे गलतफहमियों में रह रहे हैं। उनके आसपास के लोग अनुभवहीन हैं। ओएसडी तथा अन्य अधिकारी अनुभव वाले होने चाहिए।
वर्तमान सीएम के ओएसडी आरएसएस से हैं और उन्हें कोई अनुभव नहीं है। ऐसे लोग इन पदों पर नियुक्त किए जाने चाहिए, जिन पर सीएम और जनता विश्वास करते हों। कहा कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज का श्रेय भाजपा लेने की कोशिश कर रही है। यह कांग्रेस की देन है।
शिक्षा के प्रति नई सरकार उदासीन- पूर्व सीएम ने कहा कि नई सरकार शिक्षा के प्रति उदासीन है। उनका वश चले तो वह खोले गए शिक्षण संस्थानों को बंद करवा दें, लेकिन जनता ऐसा होने नहीं देगी। नए खोले कॉलेजों में दाखिले के लिए स्टाफ तक नहीं भेजा गया। दबाव के बाद स्टाफ गया तो अब प्राध्यापक नहीं हैं। कुछ दुर्गम क्षेत्रों से भारी पैमाने पर छह माह बाद ही शिक्षकों का तबादला किया गया है।