सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के पास अपार्टमेंट और होटल निर्माण को लेकर यह शिकायतें पिछले सप्ताह आई थीं। सीएम के निर्देश पर सचिवालय में मंगलवार को करीब एक घंटे तक यह बैठक चलती रही। बैठक में यह बात भी उठी कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पास इन दिनों ज्यादातर शिकायतें टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ही आ रही हैं।
टीसीपी से बाहर होना चाहते हैं लोग
मंत्रियों के पास इन दिनों विकास कार्य कराने के बजाए टीसीपी से बाहर करने के लिए आवेदन आ रहे हैं। सरकार के पास पहले जहां 84 आवेदन थे, वहीं अब इन आवेदनों का आंकड़ा डेढ़ सौ के पास पहुंच गया है। मंत्री खुद मान रहे हैं कि नियम कड़े होने के कारण लोग टीसीपी से बाहर होना चाहते हैं।
मंत्रियों और अफसरों के कार्यालय चकाचक होंगे। पुरानी मशीनरी को बदला जाएगा। कंप्यूटर से लेकर नई फोटो स्टेट मशीनें लगाई जाएंगी। सचिवालय प्रशासन ने इसके लिए कंपनियों से आवेदन मांगे हैं। बुधवार को ढाई बजे टेंडर खोले जाएंगे। टेंडर में सिर्फ वहीं कंपनियां भाग ले सकेंगी, जो वन, पर्यावरण मिनिस्ट्री और केंद्रीय पर्यावरण कंट्रोल बोर्ड में पंजीकृत हैं।
वर्तमान में सचिवालय के दफ्तरों में जो सामान है, उसकी नीलामी होगी। टेंडर फाइनल होने के बाद कंपनी को महीने के भीतर सामान उपलब्ध करने का समय दिया जाएगा। इससे पहले कई मंत्रियों और अफसरों के कमरों का फर्नीचर बदला जा चुका है। लाखों रुपये के पर्दे ही खरीदे गए हैं। अब मंत्रियों और अफसरों के कमरों में नई मशीनरी लगेगी।
ये सामान लगेगा मंत्रियों और अफसरों के कमरों में
सीपीयू 166
प्रिंटर 26
लेजर जेट प्रिंटर 38
टीएफटी मानिटर 250
की-बोर्ड, माउस 400
सीआरटी स्क्रीन 72
फोटो स्टेट मशीनें 08
टाइप राइटर 10
फैक्स मशीन 14
बैटरी 56