असंगतियों तथा कर चोरी को पकड़ने के लिए प्रणाली के प्रौद्योगिकी समाधानों में उपयुक्त व्यापार ज्ञान उपकरणों का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ई-वे बिल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित प्रवर्तन प्रारूप (इनफोर्समेंट मॉडयूल) शीघ्र तैयार किया जाना है।
इसके लिए परस्पर सशक्तिकरण से संबंधित शक्तियों को शीघ्र अधिसूचित करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेश में जीएसटी को सुचारू और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बेहतर कदम उठाने का आश्वासन दिया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव मनीषा नंदा, प्रधान सचिव आबकारी एवं कराधान जगदीश चंद्र शर्मा और आबकारी एवं कराधान आयुक्त आर. सेलवम भी बैठक में उपस्थित थे।