विधायक राकेश सिंघा के सवाल पर वन मंत्री गोबिंद ठाकुर ने अवगत कराया कि सरकार ने अवगत कराया कि वर्ष 1974 में प्रदेश में हिमाचल प्रदेश ग्राम शामलात निधान एवं उपयोग अधिनियम, 1974 लागू है। इसके अंतर्गत शामलात भूमि को सरकार में निहित किया गया।
इस प्रकार की भूमि प्रदेश के जिला शिमला, सोलन, सिरमौर, हमीरपुर, कांगड़ा और ऊना में है। यह भी सत्य है कि इस प्रकार की भूमि पर लोगों के अधिकार जैसे चारागाह, घास, कटाई, चूल्हा जलाने के लिए सूखी लकड़ियां एकत्र करना इत्यादि बंदोबस्त के दौरान दर्ज किए गए।
इसके अतिरिक्त ऐसी भूमि जो कि आवंटन योग्य नहीं थी उसे वन विभाग को वन लगाने तथा उनका रख रखाव करने के लिए प्रदान की गई। रिकार्ड हो चुकी भूमि को वापस नहीं किया जा सकता और न ही इस प्रकार की वन भूमि पर वर्ष, 1950 से पूर्व की स्थिति के अनुरूप रखा जा सकता है।