फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

HP VidhanSabha Session: सीएम जयराम बोले- सदन में लाए प्रस्ताव पर विपक्ष के सदस्यों की गंभीरता शून्य

Thu, 11 Aug 2022 09:25 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में मामला उठाया कि विपक्ष के सभी सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि प्रस्ताव पर चर्चा के लिए दोनों पक्षों को बराबर समय दिया गया है।
विज्ञापन
सदन में सीएम जयराम का संबोधन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के वाकआउट पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सदन में लाए प्रस्ताव पर विपक्ष के सदस्यों की गंभीरता शून्य रही है। सुर्खियों में आने के लिए विपक्ष का वाकआउट करना पहले से तय था। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में मामला उठाया कि विपक्ष के सभी सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि प्रस्ताव पर चर्चा के लिए दोनों पक्षों को बराबर समय दिया गया है। इस चर्चा के लिए बुधवार को ही समय निर्धारित कर दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चर्चा का जवाब देना है। इस कारण सभी सदस्यों को बोलने का समय नहीं दिया जा सकता। उन्होंने जैसे ही मुख्यमंत्री को जवाब देने के लिए आमंत्रित किया तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। नारेबाजी होने लगी। थोड़ी देर बाद सत्ता पक्ष के सदस्य भी विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सदन का माहौल पूरी तरह से गरमा गया। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री के जवाब देने से पहले ही विपक्ष के सदस्य सदन से वाकआउट करते ही मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को लग रहा है कि विधानसभा चुनाव करीब हैं और सरकार के खिलाफ बोलना है। सत्ता पक्ष के सदस्यों की संख्या ज्यादा है। ऐसी स्थिति में विपक्ष का एक सदस्य बोलता तो सत्ता पक्ष के दो सदस्य को बोलने का मौका दिया जाना था। इसके बाद भी विपक्ष के सदस्यों को बोलने का पूरा मौका दिया गया है। कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं से घोषणाएं करवाईं। कांग्रेस सत्ता में आते 16 से 60 साल की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता देगी और लोगों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देंगे। वर्तमान सरकार 125 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है। उत्तराखंड, पंजाब में भी कई घोषणाएं कीं और इन दोनों राज्यों में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा। देश में कांग्रेस की हालत खराब है। जो अधिकारी अपना पक्ष सदन में नहीं रख सकते हैं, उनके बारे में सदन में बोलने से परहेज किया जाना चाहिए। कांग्रेस से ज्यादा भाजपा सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की है। 

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कांग्रेस कर्मचारियों को गुमराह कर रही : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष पर करारा हमला करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कांग्रेस कर्मचारियों को विधानसभा चुनाव से पहले गुमराह करने की कोशिश कर रही है। सरकार ओपीएस मामले को केंद्र सरकार से उठाएगी और जो संभव होगा, वह करेगी। उन्होंने प्रदेश के कर्मचारियों से कहा कि ओपीएस पर कांग्रेस राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। इस पर कर्मचारी गंभीरता से विचार करें। उन्होंने कहा कि विपक्ष सेब बागवानों के आंदोलन को भी लेकर राजनीतिक रंग देने की नाकाम कोशिश कर रहा है। विधानसभा चुनाव में भाजपा का दोबारा सत्ता पर काबिज होना तय है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को मानसून सत्र के दूसरे दिन अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए नई पेंशन योजना आरंभ क्यों की थी। कांग्रेस ने सत्ता पर आने से पहले घोषणा की थी कि काम नहीं तो वेतन नहीं नीति को खत्म करेगी। इस वादे को भी कांग्रेस ने पूरा नहीं किया। अब ओपीएस को लेकर कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से ओपीएस पर बातचीत की गई है और यह बात सामने आई है केंद्र सरकार कर्मचारियों की जमा राशि नहीं लौटा सकती। जयराम ठाकुर ने सेब आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि बागवानों को कार्टन पर जीएसटी में छह फीसदी की छूट दी है और बिल देने पर यह लाभ दिया जाएगा। यह किसी सरकार ने आज तक नहीं किया। शिवधाम को लेकर सवाल उठाए गए।

इस प्रोजेक्ट पर 18 करोड़ खर्च होने थे लेकिन लागत बढ़ने पर प्रोजेक्ट पर 38 करोड़ खर्च होने हैं। कांग्रेस सरकार ने 19,200 करोड़ का ऋण लिया जबकि भाजपा सरकार ने 16,998 करोड़ के ऋण लिए। पेट्रोल और डीजल हिमाचल में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से सस्ता है। वर्तमान सरकार ने कुल 13,911 पद भरे हैं। इससे पूर्व चर्चा में शामिल होते हुए कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार को मजबूरी में अधिकारियों खासकर मुख्य सचिवों को बदलना पड़ा। एक मुख्य सचिव तो प्रधानमंत्री कार्यालय के दबाव में बदला गया है। मंत्री सुखराम चौधरी, राजेंद्र गर्ग, विधायक राजीव बिंदल, हर्षवर्धन चौहान और माकपा विधायक राकेश सिंघा ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।

2016 में पुलिस भर्ती पर उंगलियां उठाईं, तब इसे रद्द क्यों नहीं किया : जयराम
 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पलटवार कर कहा कि विपक्ष के नेता बहुत उत्साहित हैं। सरकार ने पुलिस भर्ती पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पेपर रद्द कर दिया और एसआईटी बनाई। इसके बाद मामला सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया। सीबीआई ने इस मामले को लेने में न अभी हां की और न इंकार किया है। 2016 में पुलिस भर्ती पर उंगलियां उठाईं। तब इसे रद्द क्यों नहीं किया गया। अग्निहोत्री ने कहा कि अभी तक कार्रवाई केवल उन लोगों पर हुई, जिन्होंने पेपर खरीदा या लीक किया। जिन अधिकारियों की इसमें संलिप्तता रही, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। 

मुख्यमंत्री कर्मचारियों पर बिगड़ रहे, गैर हिमाचली अधिकारी बगीचे खरीद रहे : मुकेश 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों पर बिगड़कर कहते हैं कि आंखें खोलो सरकार, ये किसने लिख दिया। सरकार आउटसोर्स और अन्य कर्मचारियों का शोषण कर रही है। किसान-बागवान को कुछ नहीं मिल रहा। निजी विश्वविद्यालयों पर कई खेल हो रहे हैं। गाड़ियों के पंजीकरण में गड़बड़ी हुई। नेशनल हाईवे बनाने की बात की गई, लेकिन ये कहां बने। कहां नई रेललाइन और नए हवाई अड्डे बने। नशे के खिलाफ कोई निर्णायक काम नहीं हुए। मानव भारती विश्वविद्यालय ने पूरे भारत और दूसरे देशों तक डिग्रियां बेच दीं। गैर हिमाचली अधिकारी यहां सेब के बगीचे खरीद रहे हैं। 

विज्ञापन

कुल्लू में नष्ट किए 5 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ : जयराम 

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत भारत को नशामुक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ नष्ट किए गए हैं। 15 अगस्त तक 75,000 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट करने का लक्ष्य हासिल करने की कड़ी में कुल्लू जिले में 110 किलोग्राम भांग-चरस और 06.02 किलोग्राम हेरोइन एवं चिट्टा नष्ट किया गया है।

बताया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस की मंडी रेंज के उप महानिरीक्षक मधुसूदन के नेतृत्व में रेंज स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति की निगरानी में ये नशीले पदार्थ नष्ट किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस उच्च स्तरीय टीम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों और स्थानीय मीडिया कर्मियों की उपस्थिति में प्लॉट नंबर-40 औद्योगिक क्षेत्र शमशी जिला कुल्लू में बॉयलर के माध्यम से इन नशीले पदार्थों को नष्ट किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि नष्ट किए गए नशीले पदार्थों की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें