मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं से प्राकृतिक आपदाओं के सटीक पूर्वानुमान की तकनीक पर शोध करने की अपील की है। उन्होंने हाल ही में बादल फटने और भूस्खलन से प्रदेश में 22 से अधिक मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि ऐसी घटनाओं का अंदेशा पहले हो जाए तो जानमाल के भारी नुकसान से कुछ हद तक बचा जा सकता है। मुख्यमंत्री शनिवार को आईआईटी मंडी में हिमालयन स्टार्ट अप ट्रैक 2022 कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में देश भर से 50 से अधिक प्रतिभागी अपने नवीन अनुसंधान के साथ हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तीन अलग-अलग विषयों के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए।
उन्होंने स्टार्टअप द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन भी किया। इसके अलावा आईआईटी मंडी कैटालिस्ट को-वर्क स्पेस एंड आई-हब और एचसीआई फाउंडेशन के कार्यालयों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी जिले में अतिशीघ्र ग्रीन फील्ड हवाई अड्डा विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे इस प्रतिष्ठित संस्थान के छात्रों, शिक्षकों और अन्य लोगों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस मौके पर मौजूद द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर ने कहा कि आईआईटी परिसर के बाहर एक बिक्री काउंटर स्थापित करने की आवश्यकता है ताकि स्थानीय लोग दूध, दही और पनीर जैसे उत्पाद बेच सकें।
ये रहे विजेता
ह्यूमन-कंप्यूटर इंटरएक्शन, बिल्ड फॉर द हिमालयाज एंड एनवायरमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी पर आधारित स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज के विजेता सुकेत, अमन, निधि, तृतीय नवीन, सारंग कमलकार, मुकेश महातर, प्रवीण कुमार भगत, प्रभात ठाकुर, मनोहर लाल, प्रसुरजिया तालुदर, कैलाश तुलसी गुजारा, विशाल, विवेक, विक्रम सिंह, मीना ब्रातिकन, विजय मोहन, मनक्यारसी, अभिषेक दत्ता, जितेंद्र चौधरी और आकाश सिंह को सम्मानित किया गया। इन्हें 40,000 से लेकर एक लाख रुपये तक के इनाम दिए गए।