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पानी के लिए मचे हाहाकार के बीच सीएम ने आपात बैठक बुलाकर लिया ये फैसला, समिति गठित

Tue, 29 May 2018 09:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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पेयजल सप्लाई के लिए राजधानी शिमला में मची हाहाकार के बाद सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने डीसी और नगर निगम आयुक्त को तलब कर उच्च अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। राजधानी शिमला में तुरंत पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया।

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मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने शहर में सप्लाई की वैकल्पिक व्यवस्था का प्लान बनाने के लिए कई घंटों तक निगम क्षेत्र का निरीक्षण किया। सरकार ने उठाऊ जलापूर्ति योजना गुम्मा की सिंचाई कूहलों को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया है। सप्लाई व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों पर कोताही बरतने पर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने आपात बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि उच्च स्तरीय समिति पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए सरकारी तथा निजी दोनों एजेंसियों को मांग के अनुरूप टैंकर लगाने के साथ अन्य संसाधनों सहित सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए अधिकृत किया गया है।
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आईपीएच तथा नगर निगम के अधिकारियों को शिमला शहर के लोगों को उपयुक्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिये हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए।

बैठक में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी, एसीएस शहरी विकास राम सुभग सिंह, सचिव आईपीएच देवेश कुमार, शिमला के उपायुक्त अमित कश्यप, नगर निगम शिमला के आयुक्त रोहित जम्वाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

भवन निर्माण कार्य किया तो कटेगा कनेक्शन

मुख्यमंत्री ने लीकेज के कारण पानी की बर्बादी को रोकने तथा निर्माण कार्यों में प्रयोग किए जा रहे पानी के कनेक्शनों को काटने के निर्देश दिए। उपभोक्ताओं से भी पानी का न्यायसंगत उपयोग करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से पानी की स्थिति की निगरानी तथा लोगों में पानी के वितरण की देखरेख करने के निर्देश दिए।

टैंकर सप्लाई का होगा रोस्टर- शिमला शहर में पानी की आपूर्ति के लिए 17 जल टैंकर , 15 यूटिलिटी तथा चार टिप्परों की सेवाएं ली जा रही हैं। इसके अलावा सिरमौर और बिलासपुर से तीन तीन टैंकर  मंगवाए हैं। टेंकरों के माध्यम से जल के समान वितरण के लिए विश्वसनीय तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। टेंकर सप्लाई का व्यापक प्रचार कर क्षेत्र विशेष के लोग इन टेंकरों के संबंध में सूचना करवाई जाएगी।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव शहरी विकास, शिमला के उपायुक्त, विशेष सचिव राजस्व, नगर निगम आयुक्त शिमला, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियंता और मुख्य अभियंता समिति के सदस्य होंगे। सचिव आईपीएच देवेश कुमार समिति के सदस्य सचिव एवं संयोजक नियुक्त किए गए हैं।
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कानून व्यवस्था पर पड़ने लगा पानी संकट का असर

राजधानी शिमला समेत समूचे प्रदेश में जबरदस्त जल संकट का असर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर पड़ना शुरू हो गया है। जल संकट के बीच शासन प्रशासन ने जहां पानी के लिए टैंकर से सप्लाई शुरू की है, वहीं पानी चोरी से लेकर पानी भरने को लेकर मारपीट और धक्कामुक्की की घटनाओं से पुलिस की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई हैं।

रविवार देर रात मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे लोगों के हुजूम के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए हैं कि पानी वितरण की प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था को लेकर खास एहतियात बरते जाएं। वितरण के समय पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात करने को कहा गया है।

नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीआईडी ने भी सभी जिलों के एसपी व सरकार को इनपुट भेजा है कि अगर पानी के संकट से समय से न निपटा गया तो हालात खराब हो सकते हैं। सीआईडी के इनपुट के बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कसरत शुरू कर दी है।
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