प्रदेश में नशा गांव-गांव तक पहुंच गया है। इससे निपटने के लिए जागरूकता की जरूरत है। शराब से भी आगे जाकर युवा अब दूसरे नशों का सेवन कर रहे हैं। यह चिंतनीय विषय है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को प्रेस क्लब की ओर से रिज मैदान पर आयोजित एंटी ड्रग रैली कार्यक्रम में कही।
उन्होंने इस दौरान स्कूली बच्चों की एक नशा निवारण रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कहा कि यदि स्कूली बच्चे इस अभियान में भूमिका निभाएं तो इस बुराई को नष्ट किया जा सकता है। प्रदेश में नशे पर रोक लगाने के लिए सरकार कानून को और सख्त करने पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने एंटी ड्रग रैली के लिए प्रेस क्लब की सराहना की और कहा कि इस तरह की जागरूकता रैलियां बुराइयों को खत्म करने में मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूक के लिए मीडिया कर्मी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, ऐसी उम्मीद करता हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे नशा निवारण अभियान को नई ताकत दे सकते हैं। बच्चों को सामाजिक दायित्व का पाठ सिर्फ क्लास रूम में ही नहीं पढ़ाया जा सकता है बल्कि ऐसे आयोजनों में शामिल होकर वह समाज के बीच संदेश वाहक का काम करते हैं।
नशा और नाश में ज्यादा अंतर नहीं
मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि नशा और नाश में ज्यादा अंतर नहीं। नशा आदमी का नाश ही करता है। बच्चे नशा निवारण अभियान को नई ताकत दे सकते हैं। नशा आज प्रदेश ही नहीं बल्कि देश और समस्त विश्व के सामने चिंता का विषय बन गया है। सामाजिक दायित्वों का बोध बचपन से होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में हर सामाजिक बुराई से लड़ने की क्षमता है। कार्यक्रम में सीएम के मीडिया सलाहकार रोहित सावल, एमसी महापौर कुसुम सदरेट, उपायुक्त अमित कश्यप, पुलिस अधीक्षक ओमापति जंबाल, सूचना एवं जन संपर्क विभाग के निदेशक अनुपम कश्यप, प्रेस क्लब के सदस्य मौजूद रहे।