सीएम ने आग्रह किया कि एआईबीपी में निधि के लिए 156.31 करोड़ की मध्यम सिंचाई परियोजना नादौन और 204.51 करोड़ की फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना को शामिल किया जाए। दोनों सिंचाई परियोजनाओं को 99 प्राथमिकता परियोजनाओं की सूची में शामिल करने से से किसानों की आय बढ़ेगी।
कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने को वर्तमान वर्ष में 9 योजनाएं कार्यान्वित करेगी। पांच जिलों के लिए 4751 करोड़ की अनुमानित लागत से जल संरक्षण एवं प्रबंधन का प्रस्ताव भी बनाया है। मामले को किसी बाहरी एजेंसी के माध्यम से निधि के लिए केंद्र से उठाया है।
‘स्पेशल डेवलपमेंट नीड्स ऑफ एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स’ के तहत चंबा जिले के एकीकृत विकास को तीन वर्षीय विस्तृत कार्य योजना तैयार कर केंद्र को भेजी है। राष्ट्रीय पोषण मिशन में चंबा, हमीरपुर, सोलन, शिमला और ऊना जिलों को लाया गया है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में जैम पोर्टल को क्रियाशील बनाया है। अभी तक 15.88 करोड़ के वित्तीय लेन-देन किए गए, जबकि भीम ऐप से 658 करोड़ के लेन-देन किए गए हैं। गत वर्ष आधार के माध्यम से 34 योजनाओं में 1067 करोड़ के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण किए गए हैं।
सीएम ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी- सीएम ने राज्य की विभिन्न पहलों से प्रधानमंत्री को अवगत करवाया। इनमें कृषि क्षेत्र का विकास और वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने, इलेक्ट्रानिक राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम), मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मनरेगा, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय पोषण मिशन,
मिशन इंद्रधनुष, महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को मनाने के लिए सुझाव, जीएसटी अधिनियम, जैम पोर्टल, भीम ऐप, आधार और राज्य स्तर पर उपलब्ध विभिन्न अनटाइड निधि का उपयोग करने से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत करवाया।