सोमवार शाम से मौन व्रत धारण करने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का विपश्यना केंद्र धर्मकोर्ट में पहला दिन ध्यान लगाने में ही बीता। केंद्र की नियमावली के अनुसार केजरीवाल ने पहले दिन 10 घंटे और 45 मिनट तक ध्यान लगाया।
विपश्चना केंद्र में सुबह 4 बजे स्कूल की तरह घंटी बजी और अरविंद केजरीवाल उठे। इसके बाद सुबह 4:30 से 6:30 बजे तक केजरीवाल ने अपने कमरे में ध्यान लगाया। 6:30 से 8 बजे तक ब्रेकफास्ट ब्रेक हुआ। 8 से 9 बजे तक केंद्र में उपस्थित अन्य लोगों के साथ हाल में ध्यान लगाया।
फिर 9 से 11 बजे तक मेडिटेशन का तीसरा सत्र हुआ। 11 से 12 बजे तक लंच ब्रेक हुआ। 12 से 1 बजे तक थोड़ा आराम किया। इसके बाद 1 से 5 बजे तक लगातार मेडिटेशन के तीन सत्र चले। 5 से 6 बजे चायपान हुआ। 6 से 7 बजे तक फिर से ध्यान करवाया गया।
7 से 8:15 बजे तक केंद्र के कक्ष में प्रवचन हुए। 8:15 से 9 बजे तक फिर मेडिटेशन चली। 9 से 9:30 बजे तक प्रशिक्षकों के साथ प्रश्न उत्तर हुए। इसके बाद थोड़ा आराम करवाया गया और फिर सोने के लिए कहा गया। इस तरह देवदार के पेड़ों से घिरे शांत विपश्यना केंद्र धर्मकोर्ट में दिल्ली के सीएम का पहला दिन बीता।