किन्नौर जिले के सांगला में शुक्रवार सुबह अचानक टोंगटोंगचे नाले में बादल फटने से कई सिंचाई कूहलें और वन विभाग की ओर से लगाई गई सुरक्षा दीवार बह गई। सिंचाई कूहल क्षतिग्रस्त होने से सांगला के बागवानों को सेब और अन्य नकदी फसलों में पानी की सिंचाई करना मुश्किल हो गया है। वहीं, भारी बारिश के कारण सिल्ट आने से कई बिजली प्रोजेक्टों में भी उत्पादन बंद हो गया है।
सांगला पंचायत प्रधान सचिन नेगी, उपप्रधान भूपेश नेगी ने बताया कि टोंगटोंगचे नाले में सुबह बादल फटने से बगीचों के लिए बनाई गईं पांच सिंचाई कूहलें छूदो खालिंग, किमो खलंग, कोरखायो कूहल, खाले कूहल और वन विभाग की सुरक्षा दीवार बहने से 14 लाख का नुकसान हुआ।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द नुकसान का जायजा लेकर सिंचाई कूहलों को निर्माण किया जाए। उधर, एसडीएम कल्पा अवनिंद्र शर्मा ने बताया कि प्रशासन को बादल फटने की सूचना मिलते ही राजस्व की टीम मौके पर भेज दी है। नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिया जाएगा।
मनाली-लेह मार्ग पर राहनीनाला में मार्ग बंद, सैलानी फंसे
उधर, मनाली-लेह मार्ग पर राहनीनाला के समीप पहाड़ी से पत्थर लुढ़कने से वीरवार रात करीब चार घंटे तक ट्रैफिक बंद रहा। सैकड़ों पर्यटक राहनीनाला के आर-पार फंसे रहे। हमीरपुर की सुजानपुर तहसील के गांव चमयोला में बारिश से एक गौशाला ढह गई। भोटा में पेयजल स्कीम को नुकसान पहुंचा। भोटा से कुछ दूर भिड़ा के पास लहणा में आईपीएच विभाग की पेयजल पाइपें और पानी की मोटरें
खड्ड में बह गईं। इससे विभाग को साढ़े तीन लाख का नुकसान आंका जा रहा है। कांगड़ा में कुछ जगह ल्हासे गिरे हैं। धर्मशाला के वार्ड छह में ल्हासा गिरने से संपर्क मार्ग कुछ देर बंद रहा। बैजनाथ के संसाल स्कूल के कमरों में पानी घुसने से फर्नीचर और अन्य सामान खराब हो गया। लंज-कांगड़ा मार्ग पर जगह जगह ल्हासे गिरने से आंशिक रूप से यातायात बाधित रहा।
17 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 17 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को ऊना में 31.6, शिमला में 21.8, धर्मशाला में 27.4, सुंदरनगर में 31, भुंतर में 29.5, कल्पा में 23, नाहन में 28.3, सोलन में 27, मंडी में 33.5, हमीरपुर में 27.4, बिलासपुर में 31.8, कांगड़ा में 27.4 और मनाली में 26 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।