बाढ़ में मकान बहने के बाद खुले में खाना खाते प्रभावित परिवारों के बच्चे।
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कुदरत जब अपना रौद्र रूप दिखाती है तो आशियाने तिनके की तरह बह जाते हैं और इंसान कुछ नहीं कर पाता। ऐसा ही कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में मंगलवार सुबह हुआ। बादल फटने से आई बाढ़ के बाद गड़सा खड्ड ने रौद्र रूप धारण कर लिया। बहुगुणा के पास तीन मकान बह गए। दो मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। पांच परिवारों के आंखों के सामने उनके आशियाने बह गए।
लेकिन वह कुछ नहीं कर सके। मंगलवार को प्रभावित परिवार के लोगों ने खुले आसमान के नीचे चूल्हा जलाया। हालात ऐसे थे कि अगर परिवार के लोग उस समय जान बचाकर नहीं भागते तो शायद जिंदा नहीं होते। मंगलवार सुबह पांच परिवारों के लोगों ने तबाही का भयंकर मंजर देखा। प्रभावित लियाकत अली ने कहा कि बाढ़ में उनका सब कुछ चला गया है। इसलिए उनकी मदद की जाए।
बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी ने घटनास्थल पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया। बहरहाल गड़सा में बादल फटने की घटना के बाद लोग सहमे हुए हैं। गड़सा पंचायत के प्रधान गंभीर चंद ने कहा कि बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद प्रशासन की ओर से प्रभावितों को फौरी राहत प्रदान की गई है।