किन्नौर जिले में चोलिंग के समीप मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे बादल फटने से नाले में बाढ़ आ गई। इससे एनएच-5 और चोलिंग में सेना के हेलीपैड पर मलबा भर गया। एनएच पर करीब नौ घंटे तक यातायात ठप रहा। उधर शिमला शहर के भट्ठाकुफर वार्ड में ढली टनल के समीप मंगलवार देर रात पहाड़ दरकने से कई गाड़ियां मलबे में दब गई। इनमें दो कारें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि दो अन्य को भी नुकसान हुआ है।
बुधवार को धर्मशाला, शिमला और मनाली समेत प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई, रोहतांग और बारालाचा दर्रे पर हिमपात हुआ। जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात को किन्नौर के चोलिंग में जोरदार बारिश के दौरान बादल फटने से बाढ़ आ गई। इससे चोलिंग हेलीपैड और एनएच-5 के अलावा लोगों के खेतों और सेब बगीचों में मलबा भर गया। एसडीएम मनमोहन सिंह ने बताया कि हालांकि किसी की निजी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन राजस्व विभाग की टीम को नुकसान के आकलन के लिए मौके पर भेजा गया है।
वहीं ठप पड़े एनएच को सुचारु करने के लिए एनएच प्राधिकरण बुधवार सुबह से ही जुट गया। प्राधिकरण ने मार्ग बहाल करने के लिए एक दर्जन मजदूर और दो मशीनें लगा रखी थीं। एनएच प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता दिव्या मेहता ने कहा कि बाढ़ के कारण एनएच के तीन किलोमीटर हिस्से तक मलबा भरा था, जिसके चलते मार्ग बहाल करने में समय लग गया।
एनएच बहाल होते ही बसों की आवाजाही शुरू हो गई। उधर मंगलवार रात से रोहतांग, बारालाचा तथा कुंजम दर्रा सहित ऊंची पहाड़ियों में हल्की बर्फबारी हुई है। जिला कुल्लू और लाहौल घाटी में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कुल्लू-मनाली, मनाली-लेह मार्ग पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित रहा। मंडी जिले की कई पंचायतों में बुधवार दोपहर को तेज बारिश और तूफान से मक्की की फसल ढह गई है।