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Himachal Weather: कुल्लू में चार, मंडी में एक जगह बादल फटे, किन्नौर में चलती कार पर चट्टान गिरने से एक की मौत

Fri, 21 Jul 2023 06:50 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो/संवाद, शिमला/कुल्लू/सांगला

सार

मणिकर्ण गुरुद्वारा नाले के पास बादल फटने से मलबा बाजार में घुसने से दस दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। ऊझी घाटी के करजां व जगतसुख में भी बादल फटने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
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कुल्लू के सैंज में फटा बादल। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने से नुकसान का सिलसिला जारी है। वीरवार रात से शुक्रवार तड़के तक हुई भारी बारिश से कुल्लू में चार और मंडी में एक जगह बादल फटे हैं। कुल्लू जिले में मनाली के जगतसुख, हरिपुर के करजां, मणिकर्ण और सैंज के पाशी के अलावा मंडी जिले के जोगिंद्रनगर के वींचकैंप (नालागार्ड) में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं।

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उधर, किन्नौर के चौर-बड़ा कंबा मार्ग पर शुक्रवार सुबह 6:30 बजे न्यू नालिंग के पास चलती एक्सयूवी कार पर पहाड़ी से टूटकर एक चट्टान गिरने से कार सवार कंबा निवासी राकेश नेगी (47) की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। राकेश बीडीओ कार्यालय भावानगर में बतौर क्लर्क तैनात थे। सैंज के पाशी गांव के पास बादल फटने से रात को लोगों में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों को घर छोड़कर भागना पड़ा। पुलिस ने सायरन बजाकर भी लोगों को सूचना दी।



प्रशासन ने तड़के ही सैंज बाजार खाली करवा दिया। यहां पर एक स्कूल भवन के साथ लोगों के खेत व बगीचे तबाह हो गए। वहीं, मणिकर्ण गुरुद्वारा नाले के पास बादल फटने से मलबा बाजार में घुसने से दस दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। ऊझी घाटी के करजां व जगतसुख में भी बादल फटने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मनाली-कुल्लू-वामतट मार्ग घंटों तक अवरुद्ध रहा और दोनों तरफ वाहनों की लाइनें लगी रहीं। करजां में बादल फटने से कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
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नाले में आई बाढ़ का मलबा किसानों-बागवानों के खेतों व बगीचों में घुस गया। बाढ़ के बाद नदी-नाले उफान पर रहे। शाट में भी नाले में बाढ़ आने से कुछ दुकानों को नुकसान हुआ है। जिले में बादल फटने की चारों घटनाओं से करोड़ों का नुकसान हुआ है। वहीं, मंडी जिले में जोगिंद्रनगर के वींचकैंप (नालागार्ड) में बादल फटने से हारगुनैण पंचायत में भारी नुकसान हुआ है। पत्थर और मलबे से पंचायत घर के भवन को काफी नुकसान पहुंचा है।

पंचायत के मोक्षधाम भी प्रभावित हुए हैं। नागचला, डिगली सड़क व पुल पर मलबा भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ है। जिले की चौहारघाटी के काब गांव में भारी बारिश से नाले का जलस्तर बढ़ने से तीन बीघा जमीन से आलू की फसल बह गई। एक घराट, दो चाय के खोखे और एक दुकान को भी क्षति पहुंची है। वहीं, शुक्रवार को शिलारू के पास अवरुद्ध किन्नौर-शिमला नेशनल हाईवे-5 बहाल हो गया है।

शिमला-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर भी घंडल के पास बैली ब्रिज से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। वहीं, चंबा के बत्ती दी हट्टी और लूणा के पास भूस्खलन से भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे बाधित हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 24 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 26 जुलाई तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। प्रदेश में अभी भी 628 सड़कें, 700 बिजली ट्रांसफार्मर और 585 पेयजल योजनाएं ठप हैं। राहत यह है कि राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में शुक्रवार को धूप खिली रही।

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