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Himachal Disaster: आपदा प्रभावित बोले- बिजली कड़की, बारिश हुई... सब कुछ बहा ले गया नाला

Thu, 10 Jul 2025 01:18 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, मंडी/शिमला

सार

मंडी जिले के सराज घाटी के बगस्याड़ पहुंचे सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावितों से मुलाकात की। उन्होंने यहां आपदा प्रभावितों से संवाद किया। 
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बगस्याड़ में आपदा प्रभावितों से मिले सीएम। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराज घाटी के बगस्याड़ पहुंचे सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावितों से मुलाकात की। उन्होंने यहां आपदा प्रभावितों से संवाद किया। उन्होंने बादल फटने की घटनाओं के बारे में प्रभावितों से पूछा कि आखिर उस दिन क्या हुआ। इस पर प्रभावित बोले- बिजली कड़की, बारिश हुई... नाले का जलस्तर बढ़ा और देखते ही देखते सब बह गया। उन्होंने प्रभावितों से उनके अनुभव जाने। पूछा कि तीन समय भोजन मिल रहा है या नहीं। कोई कमी तो नहीं इस पर प्रभावित बोले कोई नहीं। एक बुजुर्ग महिला से बात करते हुए सीएम ने पूछा कि घर कैसे गया तो महिला बोली-मलबा आया और पूरा घर चला गया। इस बीच सीएम ने प्रभावितों से जमीन को लेकर भी पूछा कि जमीन है या नहीं। प्रभावितों ने जमीन न होने और नाले के पास होने की बात कही। इस पर सीएम ने कहा कि वन भूमि है... यह समझना होगा। इसके लिए भारत सरकार की अनुमति जरूरी है। इसके बारे में नेता प्रतिपक्ष से बात करूंगा कि भारत सरकार से बात करें।

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प्रभावितों ने मवेशी बहने का मामला भी सीएम के समक्ष रखा। इस पर उन्होंने कहा कि घर बनाने को पैसा दूंगा। बहे गाय, बकरा और भेड़ का भी पैसा मिलेगा। एक गाय का 50 हजार रुपये दूंगा। टूटे घर का डबल पैसा दिया जाएगा। प्रभावित महिला ने कहा कि हम जीते ही गाय से हैं यानी उनकी आजीविका ही गाय से है। उन्होंने पैदल चलकर प्रभावितों तक पहुंचकर घटना वाले दिन की पूरी बात जानी। कई लोगों ने अपने स्तर पर चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में बताया। पहले मलबा आया और फिर बोल्डर आए। नाले का पानी डायवर्ट हुआ और तबाही मचाते हुए आगे बढ़ा।

बुजुर्ग महिला बोली- बच्चे जाणे, मेरी जिंदगी अब खत्म ही समझो
सीएम सुखविंद्र सिंह ने बगस्याड़ से आगे शरण गांव तक आपदा प्रभावित क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर प्रभावितों से बातचीत करते हुए उनकी व्यथा जानी। सीएम ने एक बुजुर्ग महिला से पूछा माता जी क्या चाहते हैं सरकार से आप। बुजुर्ग महिला बोली- बच्चे जाणे, मेरी जिंदगी अब खत्म ही समझो। सीएम ने कहा कि बच्चों की जान बच गई, यह सबसे बड़ी बात है। इनके घर बनाने के लिए पैसा देने के अलावा अन्य मदद करेंगे। मकान बनाने के लिए सात लाख रुपये देंगे, मकान के अंदर रखे सामान का पैसा भी देंगे। नया मकान नाले से 50 से 100 मीटर दूर ही बनाएं। उन्होंने राहत कार्य को लेकर भी प्रभावितों से पूछा। कहा कि रिलीफ में कोई कोताही तो नहीं, सब मिल रहा है या नहीं। प्रभावितों ने मोबाइल पर आपदा के जख्म दिखाएं। जमीन का मामला अधिक सीएम के समक्ष प्रभावितों ने रखा। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिसके डंगे लगने हैं, उनकी रिपोर्ट बना दो।

थुनाग में सीएम सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ने एक साथ सुनी लोगों की व्यथा
 थुनाग में  मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने साथ-साथ प्रभावित लोगों की व्यथा सुनी। सीएम सुक्खू ने रात्रि ठहराव भी थुनाग में ही किया। वह देर रात तक लोगों की समस्याएं सुनते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा मंडी के थुनाग पहुंचकर आपदा से हुई भारी तबाही को देखा। मलबे में दबे घर, उजड़ी जिंदगियां और चारों ओर पसरा सन्नाटा मन को भीतर तक व्यथित कर गया। मेरा संकल्प है-जब तक एक-एक आंख का आंसू न पोंछ सकूं और हर व्यक्ति का दर्द कुछ कम न कर सकूं, तब तक चैन से नहीं बैठूंगा। नई दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष सहायता पैकेज की मांग की जाएगी, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।

सराज क्षेत्र में क्षतिग्रस्त परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार देर शाम मंडी जिला के थुनाग विश्राम गृह में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ बैठक कर आपदाग्रस्त सराज क्षेत्र में हुए नुकसान और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।  मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को शीघ्र राहत पहुंचाने के लिए सड़कों और बाधित जल एवं विद्युत आपूर्ति योजनाओं की बहाली के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर राज्य के लिए एक विशेष राहत पैकेज देने का अनुरोध करेंगे।  सुक्खू ने संबंधित विभागों को क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, बिजली और जल परियोजनाओं के लिए अविलंब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए। 
 

चैल चौक-जंजहैली सड़क का होगा सुदृढ़ीकरण
उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के अंतर्गत 56 किलोमीटर लंबी चैलचौक-जंजैहली सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य प्रस्तावित किए जाएंगे। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ समन्वय स्थापित कर अंतर-विभागीय सहयोग के माध्यम से प्रमुख योजनाओं की बहाली के लिए राहत कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि भारी तबाही के बावजूद, 60 प्रतिशत पेयजल योजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है।  मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को आवश्यकतानुसार क्षेत्र में बेली पुलों और सस्पेंशन पुलों का निर्माण कर संपर्क बहाल करने को कहा जिसके लिए राज्य सरकार पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाएगी।
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सुखविंद्र सिंह सुक्खू और जयराम ठाकुर ने इस आपदा में अपनी जमीन गंवाने वाले परिवारों के पुनर्वास को लेकर चर्चा की। जयराम ठाकुर ने कहा कि बादल फटने की घटनाओं से क्षेत्र में भारी तबाही हुई है और मानसून के बाद जल्द ही सर्दियां शुरू होने वाली हैं। ऐसे में जिन लोगों ने सब कुछ खो दिया है, उनके पुनर्वास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंडी के उपायुक्त को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के अस्थायी पुनर्वास के लिए तुरंत सुरक्षित स्थानों की पहचान की जाए, जहां प्री-फैब्रिकेटेड घर बनाकर उन्हें तत्काल आश्रय दिया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को बागवानी से जुड़े किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने के भी निर्देश दिए। पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, कांग्रेस नेता चेत राम, जगदीश रेड्डी, विजय पाल सिंह, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जीवन ठाकुर, नरेश चौहान, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा इस अवसर पर उपस्थित थे।
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