वहीं, विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान तीसरे दिन प्रदेश करुणामूलक संघ के सदस्यों ने जोरावर स्टेडियम सिद्धबाड़ी में धरना प्रदर्शन किया। इससे पहले मेला ग्राउंड दाड़ी से लेकर जोरावर स्टेडियम तक रैली निकाली गई। इस दौरान सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई। सोमवार सुबह से ही संघ के सदस्य धर्मशाला में जुटने शुरू हो गए थे। संघ के प्रदेश सलाहकार शशिपाल शर्मा ने कहा कि करुणामूलक नीति के तहत सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के दौरान परिवार के सदस्य को नौकरी देने का प्रावधान है। यह नीति मात्र सरकारी दस्तावेजों तक ही सीमित है। 15 साल बीतने के बाद भी सरकारी सेवाओं के दौरान अपनों को खोने वाले परिवारों को नौकरी नहीं मिली है।
संघ ने सरकार से करुणामूलक सदस्यों को नीति के आधार पर नौकरी देने, सात मार्च 2019 से पॉलिसी में आ रहे लोगों को एक साथ नौकरी देने, पात्रों के लिए पांच प्रतिशत कोटे की शर्त हटाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इस बात को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि सरकार नौकरी केे नाम पर करुणामूलक लोगों को ठग रही है। चहेतों को यह नौकरियां दी जा रही हैं। बताया कि करुणामूलक नौकरी को लेकर संघ की शिमला में 137 दिनों से हड़ताल चल रही है, लेकिन सरकार ने आज तक संघ के लोगों की सुध तक नहीं ली। उन्होंने बताया कि संघ ने सरकार के नकारात्मक रवैये को लेकर छह माह के लिए सूची तैयार कर ली है। जब तक मांगों पर फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
देवभूमि आल हिमाचल टैक्सी एसोसिएशन ने सोमवार को जोरावर स्टेडियम में धरना प्रदर्शन किया। मांग की कि नेशनल टैक्स के लिए उनसे सीट के हिसाब से टैक्स वसूला जाए। इसके अलावा सरकार को मांगपत्र सौंपकर कई मांगें रखीं। देवभूमि आल हिमाचल टैक्सी एसोसिएशन के सदस्यों ने चामुंडा स्थित डाढ़ से पदयात्रा कर जोरावर स्टेडियम में मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। टैक्सी ऑपरेटर संघ के सदस्यों ने कहा कि टैक्सी संघ पिछले दो सालों से सरकार से कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई करने, नेशनल परमिट को सीट के हिसाब से करने और प्राइवेट वाहनों का सवारियों को ढोने पर प्रतिबंध लगाने के लिए मांग कर रहा है।
इस को लेकर संघ के पदाधिकारी पिछले दो वर्षों से सरकार से मिल रहे हैं, लेकिन सरकार ने आज तक उनकी मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठाया। बताया कि इस समय प्रदेश में 80 हजार टैक्सी ऑपरेटर काम कर रहे हैं, लेकिन पिछले दो सालों में काम न होने के चलते यह सदस्य मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर जीवनयापन कर रहे हैं। टैक्सी संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।