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इस बेटी को याद करना भूला प्रशासन, बतौर सिविल जज दे रही सेवाएं

Mon, 27 Mar 2017 10:03 AM IST
रविंद्र कुमार/अमर उजाला, ऊना
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सिविल जज आकांक्षा डोगरा - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के जिला ऊना का नाम चमकाने वाली इस बेटी को प्रशासन भूल गया है। धर्मशाला में बतौर सिविल जज सेवाएं दे रही आकांक्षा डोगरा मूलत: ऊना मुख्यालय के मलाहत गांव की रहने वाली हैं। वर्तमान समय में धर्मशाला कोर्ट में सिविल जज कार्यरत हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिला प्रशासन ने जिला भर में होर्डिंग लगाकर जिला का नाम चमकाने वाली बेटियों की तस्वीरें लगाई हैं ताकि बेटियां प्रेरित हो सकें। 
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लेकिन हिमाचल ज्यूडीशियल सर्विस की परीक्षा पास कर जज बनी आकांक्षा की तस्वीर इन होर्डिंगों से गायब है। जिससे आकांक्षा डोगरा के अभिभावकों में जिला प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है। आकांक्षा के पिता एलआर डोगरा व माता सुशील डोगरा ने कहा कि

उनकी लाडली बेटी ने बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है और उनको भी प्रेरणा स्रोत के तौर पर शामिल किया जाना चाहिए। जिला प्रशासन ने उनकी बेटी को मान सम्मान देना तो दूर एक होर्डिंग तक में जगह नहीं दी है। आकांक्षा डोगरा ने डीएवी पब्लिक स्कूल ऊना से दसवीं व डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल ऊना से बारहवीं की है।
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मेरिट लिस्ट में भी चमका चुकी हैं जिला का नाम

सिविल जज आकांक्षा डोगरा - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश शिक्षा बोर्ड की जमा दो कक्षा में उनकी बेटी ने जिला का नाम चमकाते हुए मेरिट लिस्ट में भी अपना नाम दर्ज करवाया है। एलएलबी में प्रदेश स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। इसके बाद आकांक्षा ने वर्ष 2013 में एचजेएस के तहत कमीशन पास कर सिविल जज के लिए चयन हुआ और मंडी से अपना सफर शुरू कर दिया।

धर्मशाला में वह अब न्यायाधीश सेवाएं दे रही हैं। आकांक्षा डोगरा के पिता एलआर डोगरा सेंट्रल बैंक चंडीगढ़ में सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी बड़ी बेटी व बेटा भी सरकारी कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एलआर डोगरा ने कहा कि जब वह ऊना आए तो प्रशासनिक होर्डिंग में अपनी बेटी की तस्वीर न देखकर उनको खासी निराशा हाथ लगी। 

प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित जमा दो कक्षा की परीक्षा में प्रदेश स्तर पर मेरिट में आने पर अमर उजाला समाचार पत्र ने शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में आकांक्षा डोगरा को सम्मानित किया था। उपायुक्त ऊना विकास लाबरू का कहना है कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। अमर उजाला के माध्यम से मामला ध्यान में लाया गया है। मामले को लेकर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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