शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड ने शिमला को पानी की सप्लाई करने वाली गिरि परियोजना के थरमटी स्टोरेज टैंक से एक निर्माणाधीन होटल को पानी का कनेक्शन दे दिया है। जबकि सालों से स्थानीय पंचायत के लोग इस परियोजना से पीने का पानी उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे हैं।
ठियोग के सैंज के पास माईपुल से शिमला की प्यास बुझाने के लिए गिरि परियोजना तैयार की गई है। जिस समय परियोजना की पाइप लाइन बिछी तभी से स्थानीय लोग परियोजना का पानी ग्रामीणों को भी उपलब्ध करवाने की मांग करते आए हैं। लेकिन यह तर्क देकर कि स्टोरेज टैंक और मेन लाइन से पानी का कनेक्शन नहीं दिया जा सकता, लोगों को पानी नहीं दिया गया। अब जबकि यहां एक बड़ी कंपनी होटल निर्माण कर रही है तो कायदे कानूनों को ताक पर रखकर स्टोरेज टैंक और मेन लाइन से कनेक्शन दे दिया गया है। बताया जा रहा है कि होटल बनाने वाली कंपनी प्रदेश सरकार के ‘ग्लोबल इनवेस्टर मीट’ में भी भाग ले चुकी है और सरकार के दबाव में ही शिमला जल निगम ने होटल को पानी का कनेक्शन दिया है।
बणी पंचायत के प्रधान राजेंद्र झीना का कहना है कि क्षेत्र के कई गांवों में पानी की किल्लत है, जिसके चलते पंचायत से प्रस्ताव पारित कर जल प्रबंधन निगम से आग्रह किया गया था कि लोगों को गिरी परियोजना से पानी उपलब्ध करवाया जाए, लेकिन निगम ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया। फागू और भेखलटी सहित आसपास की आबादी वाले कई इलाकों में इस परियोजना से पानी की सप्लाई हो सकती है।
होटल को कनेक्शन दिया, स्थानीय लोगों को भी देंगे : गिल
जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र गिल ने बताया कि होटल को पेयजल कनेक्शन दिया गया है। बणी पंचायत से भी कनेक्शन देने का प्रस्ताव आया है, इसके लिए सरकार से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही स्थानीय लोगों को भी पानी के कनेक्शन दे दिए जाएंगे। यह जरूर है कि अगर शिमला में पानी की किल्लत होती है तो इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बंद करनी पड़ेगी।
आउट साइड एमसी रेट पर महंगा मिलेगा पीने का पानी
शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड अगर गिरि परियोजना के स्टोरेज टैंक या मेन लाइन से पानी के कनेक्शन देता है तो लोगों को यह पानी बेहद महंगा मिलेगा। कंपनी की ओर से आउट साइड एमसी निर्धारित रेट 36.30 रुपये प्रति किलोलीटर तय कर रखा है। निर्माण के लिए पानी का कनेक्शन 126.50 रुपये प्रति किलोलीटर निर्धारित किया गया है।