पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत किया गया है मैहली का चयन, दस गांवों को दिया था औपचारिकताएं पूरी करने का मौका
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मैहली पंचायत ही पूरी कर पाई औपचारिकताएं
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी का मैहली गांव मॉडल सोलर गांव बनेना। इसका चयन पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए हुआ है। इसके तहत मैहली को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा। इसको लेकर सोमवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पंचायत मैहली को मॉडल सोलर गांव के तौर पर तैयार किया जाएगा। इस योजना के तहत जिले के दस गांवों का चयन किया था। इनमें त्याल, छकड़ैल, दत्त नगर, कितबाड़ी, परहेच, शिंगला, सराहन, कुमारसैन, बौंडा और मैहली गांव शामिल थे। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 28 फरवरी 2026 तक समय दिया था। इनमें से केवल मैहली पंचायत ही औपचारिकताएं पूरी कर पाईं। ऐसे में अब मैहली को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक जिले से 657 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 231 में इंस्टॉलेशन कार्य पूरा हो चुका है। इनकी 803 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता होगी। इनमें से 231 का निरीक्षण कार्य पूरा हो चुका है। इनमें से 204 आवेदनों में सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है। उपायुक्त ने कहा कि इस योजना में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करके परिवारों को महत्वपूर्ण रूप से सशक्त बनाने की क्षमता है। बैठक में हिम ऊर्जा प्रोजेक्ट आफिसर अशोक शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। आदर्श सौर ग्राम घटक के तहत पूरे किए गए रूफटॉफ सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या के आधार पर एक पंचायत का चयन किया जाएगा जिसमें सबसे अधिक सोलर रूफ टाॅप लगे होंगे। पंचायत का चयन आदर्श गांव के आधार पर सौर ऊर्जा संवर्धन में होगा तथा एक करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा। पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य छतों पर सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाना और आवासीय घरों को अपनी बिजली स्वयं उत्पन्न करने में सक्षम बनाना है। इस योजना के तहत 2 किलोवाट तक की सौर इकाइयों की लागत पर 60 फीसदी और 2 किलोवाट से 3 किलोवाट तक की अतिरिक्त क्षमता पर 40 फीसदी सब्सिडी दी जाती है जिसकी अधिकतम सीमा 3 किलोवाट है। तीन किलोवाट तक करीब 85 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है। आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और उसके पास सौर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त छत वाला घर होना चाहिए। घर में वैध बिजली कनेक्शन भी होना चाहिए और आवेदक के परिवार ने पहले कभी सौर पैनल के लिए कोई अन्य सब्सिडी नहीं ली हो।
सोलर सिस्टम के क्या फायदे
उपभोक्ता को बिजली बिल में बचत।
उपलब्ध छत की खाली जगह का उपयोग, अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों की अतिरिक्त जरूरत नहीं। टेल-एंड ग्रिड वोल्टेज में सुधार और सिस्टम कंजेशन में कमी। एक किलोवाट सोलर पावर प्लांट से एक दिन में 3 से 4 यूनिट बिजली पैदा कर सकते हैं।