हिमाचल के दो निजी विश्वविद्यालयों पर पैसे लेकर डिग्रियां बेचने के आरोप की सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। विधानसभा में मुद्दा उछलने और विवाद बढ़ने के बाद प्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने आनन-फानन में सीआईडी को पत्र लिखकर जांच के लिए कहा। अब सीआईडी ने मामले में एसपी वीरेंद्र कालिया की अध्यक्षता में सात सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर दी। टीम ने जांच भी शुरू कर दी है। डीजीपी सीताराम मरडी ने जांच शुरू होने की पुष्टि की है।
बता दें कि यूजीसी को एक गुमनाम पत्र मिला था, जिसमें सोलन के मानव भारती विवि पर सात साल में चार से पांच लाख और एपी गोयल शिमला विवि पर 15 हजार डिग्रियां पैसे लेकर बेचने का आरोप लगाया गया था। शिकायत पत्र में कहा गया कि ऐसी डिग्रियां भी बेची गई हैं, जिनके कोर्स करवाने के लिए दोनों विश्वविद्यालय अधिकृत नहीं हैं। शिकायत के बाद यूजीसी ने प्रमुख सचिव शिक्षा को पत्र लिखकर जांच के लिए कह दिया। निजी शिक्षण संस्थान सीधे शिक्षा विभाग के अधीन नहीं आते, ऐसे में प्रमुख सचिव शिक्षा ने राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग को पत्र लिखकर मामले में जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
सूत्रों का कहना है कि आयोग ने जांच न करते हुए पत्र पुलिस को भेज दिया। दो सप्ताह पहले पुलिस मुख्यालय को पत्र मिल गया, लेकिन आला अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। मामला सुर्खियों में आया तो पुलिस ने पत्र लिखकर आयोग से शिकायतकर्ता का पूरा ब्योरा और आयोग की ओर से की गई जांच की रिपोर्ट मांग ली। इसी बीच विपक्ष ने मामले पर विधानसभा में हंगामा कर दिया। लिहाजा सरकार के दबाव में आते ही पुलिस महकमे ने ब्योरा व रिपोर्ट आने से पहले ही सीआईडी को पत्र लिखकर जांच के निर्देश जारी कर दिए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीआईडी ने भी जांच शुरू कर दी है।