सूत्रों का कहना है कि जांच अधिकारियों ने तफ्तीश पूरी कर साक्ष्य संकलन कर लिया है। अब फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके आने पर मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
कार्यस्थल पर महिला पुलिस कर्मी से यौन उत्पीड़न के आरोप में फंसे शिमला जिले के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण ठाकुर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित आरोपों की नए सिरे से जांच कराने के साथ ही इस संबंध में दर्ज एफआईआर की सीआईडी जांच भी अंतिम दौर में पहुंच गई है।
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सूत्रों का कहना है कि जांच अधिकारियों ने तफ्तीश पूरी कर साक्ष्य संकलन कर लिया है। अब फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके आने पर मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। सूत्रों की मानें तो पीड़ित और उसकी ओर से गवाह के रूप में अपने बयान दर्ज कराने वाले अन्य पुलिस कर्मचारियों ने घटना के संबंध में जो जानकारियां दी हैं, उनसे प्रवीर के लिए आगे की राह आसान नहीं रहेगी।
उधर, उच्च अधिकारियों ने कार्यस्थल पर यौन शोषण से संबंधित कमेटी को जांच तेजी से पूरी कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के लिए कह दिया है। माना जा रहा है कि यह कमेटी भी इस महीने के अंत तक अपनी जांच को पूरा कर सिफारिशों के साथ रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय के जरिये सरकार को भेज सकती है।