बहुचर्चित गुड़िया रेप और हत्याकांड में अभी तक शिमला पुलिस की भूमिका की जांच कर रही सीबीआई के निशाने पर अब सीआईडी के अधिकारी भी आ गए हैं। सीबीआई को संदेह है कि सीआईडी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने घटनास्थल पर फॉलो किए जाने वाले प्रोटोकाल को दरकिनार किया है।
गुड़िया का शव मिलने के बाद घटनास्थल पर सीआईडी ने हत्यारों का सुराग ढूंढने के लिए ट्रैकर डॉग को भेजना था, लेकिन उसकी जगह किसी और विशेषज्ञता वाले कुत्ते को मौके पर भेज दिया। सीआईडी के अधिकारियों, कर्मचारियों की इस बड़ी चूक के सामने आने के बावजूद अफसर सांस रोके बैठे हैं।
खास बात यह है कि विभागीय स्तर पर भी अब तक इतनी बड़ी चूक की कोई जांच नहीं शुरू गई है। हालांकि, विभागीय उदासीनता से इतर अब सीआईडी गुड़िया मामले की जांच में इस बिंदु पर भी पड़ताल कर रही है। पुष्ट सूत्रों की मानें तो सीबीआई ट्रैकर डॉग भेजने में हुई चूक को बड़ी गंभीरता से ले रही है।
उनका मानना है कि अगर ट्रैकर डॉग मौके पर भेजा गया होता तो शायद वह हत्यारोपियों या हाल ठिकाने लगाने वालों के फुटप्रिंट पहचानकर उन तक पहुंचा देता, लेकिन सीआईडी ने मौके पर डॉग भेजने की खानापूर्ति करने के चक्कर में मजाक ही बना दिया। सूत्रों का कहना है कि अगर सीआईडी के अफसर इस चूक का स्पष्टीकरण नहीं दे पाए तो एक दो सीआईडी कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है।