प्रदेश सरकार एचआरटीसी के सीजेएम पर खास मेहरबान दिख रही है। उन्हें निगम प्रबंधन ने फिर रि-इंप्लायमेंट का तोहफा दिया है। बीते बुधवार को यह मामला बीओडी की बैठक में लाया गया था। रि-इंप्लायमेंट देकर उन्हें खुश करने का यह पहला मामला नहीं है।
इससे पहले भी सीजेएम को 6 महीने की एक्सटेंशन, इसके बाद 3 महीने की रि-इंप्लायमेंट और तीसरी बार अक्तूबर से लेकर दिसंबर तक तीन महीने की रि-इंप्लायमेंट दी गई है। सीजेएम के अलावा बीओडी की बैठक में दो और अफसरों को रि-इंप्लायमेंट दी गई है।
इनमें ड्राइवर इंस्ट्रक्टर और एचआरटीसी अधीक्षक शामिल हैं। इधर अफसरों को रि-इंप्लायमेंट दिए जाने से एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति ने एतराज जताया है। समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि अफसरों को बार-बार रि-इंप्लायमेंट देने से अन्य कर्मचारियों की पदोन्नति रुक रही है।
अगर अफसरों को इसी तरह रि-इंप्लायमेंट मिलती रही तो नीचे से ऊपर आने वाले कर्मचारी कैसे काम सीखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम प्रबंधन के मन में जो आ रहा है, मंत्री को विश्वास में लेकर उन मामलों को बीओडी से मंजूर कराया जा रहा है।
अगर रि-इंप्लायमेंट देनी है तो इसका लाभ सब कर्मचारियों को मिलना चाहिए। ऐसा नहीं कि चहेतों को भी इसका लाभ दिया जा सके। उन्होंने कहा कि निगम प्रबंधन की ओर से लिए गए इस फैसले का समिति विरोध करती है।
जल्द समिति के पदाधिकारियों की इस मामले में बैठक बुलाई जा रही है। उधर, एचआरटीसी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर विवेक चंदेल ने कहा कि सीजेएम को रि-इंप्लायमेंट दी है या सेवा विस्तार, यह फाइल देखकर ही पता लगेगा।