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करोड़ों के घोटालेबाज को भारत लाने के लिए सीआईडी ने लाखों में बनवाया अरबी भाषा का दस्तावेज

Tue, 17 Mar 2020 12:50 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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करोड़ों के घोटालेबाज को पकड़ने के लिए सीआईडी ने लाखों खर्च कर अरबी भाषा का दस्तावेज तैयार किया है। इसे दुबई भेज दिया गया है। 43 सौ करोड़ से ज्यादा के बहुचर्चित टेक्नोमैक घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने कंपनी के एमडी राकेश शर्मा को भारत लाने के लिए एक और अहम पड़ाव पार कर लिया है। सीआईडी ने अब तक की जांच और स्थानीय कोर्ट में दाखिल चार्जशीट और सबूत के रूप में उपयोग किए गए दस्तावेजों की अरबी भाषा में तैयार की गई प्रति को गृह मंत्रालय के माध्यम से इंटरपोल दुबई को भेज दी है।

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सीआईडी ने दस्तावेजों के इस अरबी भाषा में कराए अनुवाद को दिल्ली स्थित एक एजेंसी की मदद से तैयार कराया था। जिस पर लाखों रुपये का खर्च भी किया गया।  सूत्रों का कहना है कि इस प्रति को अब इंटरपोल दुबई के अधिकारी स्थानीय अदालत में पेश करेंगे जहां अदालत में सीआईडी द्वारा भेजे गए दस्तावेजों और केस की गंभीरता पर ट्रायल चलेगा। ट्रायल के बाद ही कोर्ट इस बात पर फैसला करेगी कि आरोपी राकेश शर्मा को दुबई से भारत भेजा जाए या नहीं। बता दें, एसपी संदीप धवल की अध्यक्षता वाली एसआईटी इस महा घोटाले की जांच कर रही है। पिछले डेढ़ साल के दौरान जांच टीम ने दो दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है।

साथ ही मामले में आरोपी सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों के खिलाफ अभियोजना स्वीकृति हासिल कर उनके खिलाफ स्थानीय अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है। इस बीच सीआईडी ने सीबीआई की मदद से इंटरपोल से शर्मा के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस भी जारी करा लिया था। बताया जा रहा है कि सीआईडी ने शर्मा की दुबई के ठिकाने की सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जिसके बाद इंटरपोल ने राकेश को दुबई में ढूंढ निकाला। फिलहाल वह दुबई पुलिस की हिरासत में है और सीआईडी उसे हिमाचल लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।

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