मंडी की कतांडा बीट में पेड़ से उल्टा लटके मिले फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की हत्या की गई या यह आत्महत्या है, इस पहेली को अब सीआईडी सुलझाएगी। शव मिलने के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली होने पर इस मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है।
पुलिस की अजब थ्योरियों पर अमर उजाला की ओर से लगातार सवाल उठाए जाने के बाद जांच एजेंसी बदलने का फैसला लिया गया है। हालांकि, सीबीआई प्रतिनियुक्ति से लौटे डीआईजी आसिफ जलाल के केस से जुड़ने के 24 घंटे भीतर ही जांच एजेंसी बदलने पर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
बुधवार को ही प्रदेश पुलिस के तेजतर्रार अफसर आसिफ जलाल को एसआईटी की कमान दी गई थी। डीजीपी संजय कुमार का कहना है कि स्थानीय पुलिस की जांच पर लगातार उठ रहे सवालों के बाद विश्वसनीयता बनाए रखने और पारदर्शी तरीके से जांच के लिए ही सीआईडी को केस सौंप दिया गया है।
डीआईजी आसिफ जलाल के केस से जुड़ने के 24 घंटे के भीतर बदल दी जांच एजेंसी
हालांकि, उन्होंने कहा कि सेंट्रल रेंज देख रहे डीआईजी आसिफ जलाल इस केस की जांच का हिस्सा बने रहेंगे। गौरतलब है कि होशियार सिंह की पेड़ से लटकी लाश मिलने के बाद शुरू से ही मंडी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने पहले हत्या का केस दर्ज किया, फिर इसे आत्महत्या में बदल दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए पुलिस की ओर से कहा गया कि जहर खाने के बाद होशियार सिंह पेड़ पर चढ़ा।
लाश उल्टा लटकनेे के सवाल का पुलिस अभी तक कोई जवाब नहीं दे पाई है। लोगों के आक्रोश और मीडिया के सवालों के बीच आनन-फानन में एएसपी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर दी गई। इस पर भी लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ तो पुलिस मुख्यालय ने दखल देते हुए डीआईजी आसिफ जलाल को केस से जोड़ दिया। इसके चौबीस घंटे के भीतर ही वीरवार को जांच अचानक सीआईडी के हवाले करने का आदेश जारी हो गया।
हत्या या आत्महत्या साबित करने पर नहीं तुली है पुलिस: डीआईजी आसिफ जलाल
मीडिया से बातचीत करते डीआईजी आसिफ जलाल।
- फोटो : अमर उजाला
फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह मौत मामले में मौके पर जांच के बाद भी पुलिस जांच एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी है। बीते बुधवार को पुलिस ने उस पेड़ पर चढ़कर भी जांच की, जिस पर होशियार सिंह का शव उल्टा लटका हुआ था। लेकिन, मामले में खुलासे के नाम पर पुलिस के हाथ खाली हैं।
वीरवार को मीडिया से बातचीत में डीआईजी आसिफ जलाल ने कहा कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। पुलिस आत्महत्या या हत्या साबित करने पर नहीं तुली है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। होशियार की कॉल डिटेल और आरोपियों की कॉल डिटेल व लोकेशन को खंगाला जा रहा है। होशियार पांच जून को गायब होने से पहले जहां-जहां देखा गया, वहां छानबीन और पूछताछ की गई है।
उन्होंने कहा कि चार जून को होशियार सिंह सेरी कतांडा में ही एक ग्रामीण के घर पर सोया था। पांच जून को एक शिक्षक के घर पौने नौ बजे के करीब उसने नाश्ता किया। दोनों से पूछताछ की गई है। यह भी जांच की जा रही है कि यदि होशियार ने जहर खाया तो उसने कहां से खरीदा। जहर हेमर कीटनाशक है, जो सेब के पेड़ों पर स्प्रे किया जाता है।
यह आसानी से उपलब्ध है। डीएसपी को इस बात का जिम्मा सौंपा गया है कि यदि होशियार ने जहर खुद पीया है तो यह उसने खरीदा कहां से। जहर की 100 एमएल की शीशी में 60 एमएल जहर बचा है। उन्होंने कहा कि होशियार के लिखावट के और नमूने जांच के लिए गए हैं। पुलिस ने होशियार सिंह के क्वार्टर से जहर की शीशी बरामद करने की बात को नकार दिया है। पुलिस के अनुसार होशियार के बैग से ही जहर की शीशी बरामद की है।
तीन दिन के रिमांड पर भेजे आरोपी
डीआईजी आसिफ जलाल ने कहा कि होशियार सिंह मामले में आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। बता दें कि मामले में पूछताछ के दौरान खुलासे को पुलिस सामने नहीं ला रही है।