इस मामले में एनआईटी प्रबंधन ने भी अपने स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले के सामने आने के बाद एनआईटी प्रबंधन ने जांच के सिलसिले में बैठक बुलाई। बैठक में कमेटी गठन के साथ ही दो दिन में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पांच सदस्यीय कमेटी आउटसोर्स कर्मचारी के बारे में तमाम ब्योरा लेगी। हालांकि इन कर्मचारियों की नियुक्ति के वक्त ही इस तरह के मामलों में कार्रवाई के प्रावधान स्पष्ट होते हैं। ऐसे में अब नियुक्ति के वक्त प्रावधानों के मुताबिक जांच कमेटी की सिफारिश पर कार्रवाई होगी।
गत वर्ष अक्तूबर में संस्थान में पढ़ाई कर रहे एक छात्र की कथित तौर पर चिट्टे की ओवरडोज से मौत हो गई थी। इस मामले के सुर्खियों में आने के बाद एनआईटी प्रबधंन की तरफ से कई कदम उठाए गए थे। मामले में संलिप्त कई छात्रों को संस्थान से बाहर का रास्ता भी दिखाया था। कई को हॉस्टल से सस्पेंड कर दिया था। विद्यार्थियों को नशे से बचाने के लिए भी कई तरह की पहल संस्थान की ओर से की गई थी। विद्यार्थियों को तनाव से उबारने के लिए कई पहल की गई थी ताकि वे नशे के जंजाल में न फंसे।
ताजा मामले में कर्मचारी के चिट्टे के मामले में संलिप्त पाए जाने के बाद प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। मामले में संलिप्त आउटसोर्स कर्मी पर निलंबन की गाज गिरना तय माना जा रहा है। जांच के सिलसिले में बैठक हुई। इसमें जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी दो दिन में जांच रिपोर्ट प्रबंधन को सौंपेगी। मामले में नियमों के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अर्चना नानोटी, रजिस्ट्रार, एनआईटी हमीरपुर