बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज कहते हैं कि अप्रैल और मई में सेब के पेड़ों पर चूरण फफूंद रोग लगता है। यह रोग नमी की कमी के कारण फैलता है। इसे रोकने के लिए बागवानी विभाग की तय स्प्रे सारिणी के अनुसार समय पर छिड़काव किया जाए।
कंटाप 100 मि.ली. दो सौ लीटर या स्कोर 30 एम.एल. दो सौ लीटर पानी या रोको 100 ग्राम दो सौ लीटर पानी में मिला कर घोल तैयार कर छिड़काव कर सकते हैं।
कोई एक घोल तैयार करके 15 से 30 पौधों में छिड़काव कर सकते हैं। इसके अलावा हार्टीकल्चर मिनरल आयल (एचएमओ) दो लीटर को 198 लीटर पानी में छिड़काव करके भी पेड़ों को रोग से बचा सकते हैं।